यदि आप गर्मियों की छुट्टी में परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। इस साल या तो फ्लाइट उपलब्ध नहीं होगी या उसका किराया बहुत महंगा होगा। इसकी वजह है जेट एयरवेज का संकट, घरेलू एयरलाइनों द्वारा बोइंग 737 माक्स-8 को ग्राउंडेड करना, मुंबई हवाई अड्डे पर जारी मरम्मत कार्य। यह ऐसे कारण हैं जिनका सामना भारत का विमानन क्षेत्र कर रहा है।
दिसंबर से अब तक घरेलू उड़ानों में 16 फीसदी की कटौती हुई है। पिछले साल भारत में हवाई यात्रियों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं फरवरी में यह इजाफा 7.42 फीसदी रहा। घरेलू यात्रियों की बात करें तो अक्तबूर तक इसमें लगभग एक करोड़ दस लाख की कमी रही। गहराते जेट संकट के कारण दो प्रतिशत यात्रियों की संख्या में गिरावट हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव के बाद यात्रियों की वृद्धि में और कमी आएगी।
बोइंग विमान दुर्घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग को उड़ाने से मना कर दिया है। जिसके कारण स्पाइसजेट को अपने 13 विमानों को ग्राउंडेड करना पड़ा है। स्टारएयर कंसल्टिंग के हर्ष वर्धन ने कहा, 'यात्री वृद्धि में और कमी आएगी। इस समय गंतव्य यात्रा के प्रभावित होने की संभावना है।'
घरेलू यात्रा भी घटेगी। इसकी वजह 22 दिनों तक मुंबई हवाई अड्डे का मरम्मत कार्य के लिए बंद होना भी है जो देश का दूसरा व्यस्ततम हवाई अड्डा है। वह रोजाना 230 कम उड़ानें संचालित करता है। जबकि पहले वह रोजाना औसतन 950 उड़ाने संचालित करता था।
बेशक अब मुंबई हवाई अड्डे का मरम्मत कार्य खत्म हो चुका है। लेकिन कम सीटे होने से एयरलाइंस के पास टिकट की कीमत ज्यादा करने का मौका है। लंबे समय से प्रतिस्पर्धा के कारण भारतीय एयरलाइंस को कम कीमत पर टिकट देने पर मजबूर होना पड़ता है। यदि वह ऐसा नहीं करेंगे तो यात्री लो-कॉस्ट कैरियर (एलसीसी) जैसे इंडिगो या स्पाइसजेट का रुख करेंगे। इंडिगो इस समय पायलटों की कमी का सामना कर रहा है। लगभग 60 प्रतिशत हवाई यात्री एलसीसी से यात्रा करते हैं।
क्या है आपके लिए खास
यदि जेट एयरवेज का संकट जल्द ही खत्म नहीं होता है तो इसका असर उड़ानों पर पड़ेगा जिसके कारण दूसरी एयरलाइंस मनमाना किराया वसूल सकती हैं। इसके अलावा जो एयरलाइंस इस समय पायलटों की कमी का सामना कर रही हैं, वह बिना पूर्व सूचना के अपनी उड़ान को रद्द कर सकती हैं जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा।