सामान्य रूप से मार्च में मौसम सुहाना रहता है। पर इस साल मार्च के अंत तक पूरा उत्तर भारत गर्मी की चपेट में आ जाएगा। दिन और रात दोनों में तापमान ज्यादा रहेगा। मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अपनी हालिया रिपोर्ट में ये चेतावनी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में मौसम बदलाना शुरू हो जाता है। पर उत्तर भारत में खासकर रात में तापमान बेहद सुहावना और आरामदायक रहता है। ठंड कम होने लगती है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता है।
स्काईमेट के मुताबिक सर्दी का तंत्र ऊपरी अक्षांश की ओर बढ़ने लगा और इसकी आवृत्ति भी कम हो गई है। इसलिए इस साल मार्च के अंत तक गर्मी आ जाएगी, जिससे उत्तरी भारत के मैदान गर्म और सूखे मौसम की चपेट में आ जाएंगे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हर साल गर्मी अलग आने का समय बदलता रहा है। इस साल जैसा दिख रहा है कि गर्मी थोड़ा जल्दी आ जाएगी।
सामान्य से ज्यादा हो चुका है तापमान
उत्तर भारत के मैदान में दिन और रात दोनों का तापमान अभी से सामान्य से ज्यादा हो चुका है। अप्रैल तक पहुंचते ही दोनों का तापमान काफी बढ़ जाएगा। धूल भरी आंधी भी चलने लगेंगी।
पिछले साल की तुलना में इस बार का तापमान
शहर मार्च में (अधिकतम और न्यूनतम) अप्रैल में (अधिकतम और न्यूनतम)
अमृतसर 27/11 34/17
नई दिल्ली 29/14 36/11
करनाल 29/14 39/23
मई- जून में भयंकर गर्मी
मार्च और अप्रैल में रात में तापमान सहन करने योग्य होता है, लेकिन मई और जून में रात में पारा 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। हवा भी नहीं बहती है, जिससे गर्मी झेलना मुश्किल हो जाता है। राहत तभी मिलती है जब हल्की बारिश होती है। पर यह भी शाम के बाद ही होता है। यानी दोपहर में तपन से राहत की कम ही उम्मीद करें। वहीं मानसून आने के बाद गर्मी के साथ उमस भी बढ़ जाएगी।
मौसम विभाग पहले ही दे चुका है चेतावनी
मौसम विभाग पहले ही अनुमान जाहिर कर चुका है कि उत्तर भारत में इस गर्मी तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होगा।