लोकसभा में कावेरी बांध मुद्दे पर हंगामा कर रहे अन्नाद्रमुक और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के कुल 19 सदस्यों को स्पीकर सुमित्रा महाजन ने गुरुवार को सदन से चार कामकाजी दिवस के लिए निलंबित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने चेतावनी के बावजूद सदस्यों का हंगामा नहीं थमने पर कहा कि जानबूझकर सदन में आसन के समीप आकर और नियमों का उल्लंघन करते हुए कार्यवाही में बाधा डालने के लिए सदस्यों को नियम 374 ए के तहत सदन की कार्यवाही से चार कामकाजी दिनों के लिए निलंबित किया जाता है।
एक बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो अन्नाद्रमुक के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। इस दौरान इनमें से कुछ सदस्य कागज के टुकड़े उछालने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों को चेतावनी दी कि वे अपने स्थान पर जाएं, नहीं तो ‘मैं नेम करूंगी।’
हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सदन की मर्यादा भंग की जा रही है। राफेल मामले पर और देश के मुद्दों पर चर्चा होनी है। सदस्यों से आग्रह है कि अपने स्थान पर जाएं।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के दोबारा चेतावनी देने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही और कुछ सदस्य कागज के टुकड़े फेंकते रहे।
इसके बाद स्पीकर ने अन्नाद्रमुक और तेदेपा के 19 सदस्यों को चार कामकाजी दिनों के लिए सदन से निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा की कार्यवाही का अंतिम दिन 8 जनवरी है। इस तरह उक्त सदस्य सत्र के शेष हिस्से में भाग नहीं ले सकेंगे।
गौरतलब है कि कावेरी मुद्दे पर हंगामा कर रहे अन्नाद्रमुक के 24 सदस्यों को बुधवार को पांच कामकाजी दिनों के लिए निलंबित किया गया था। इन सदस्यों में के अशोक कुमार, आर के भारती मोहन, एम चंद्रकाशी, एस जी हरि, जय कुमार जयवर्द्धन, के परसुरामन, के कामराज, पी कुमार, एम वसंती, सी महेन्द्रन, के मगर्थन, पी नागराजन, आर पारथीपन, के आर पी प्रभाकरण, ए अनवर रजा, टी राधाकृष्णन, एस राजेन्द्रन, वी सत्यभामा, एस सेल्वकुमार, पी आर सुंदरम, एम उदयकुमार, वी येदुमलाई, आर वनरोजा और टी जी वेंकटेश बाबू शामिल हैं।
लोकसभा में अन्नाद्रमुक के 37 सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र की 11 दिसंबर को शुरूआत के बाद से ही अन्नाद्रमुक सदस्य कावेरी नदी पर बांध के निर्माण का विरोध कर रहे हैं और टीडीपी के सदस्य आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य की दर्जे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं।