बीते दो दिनों में हंगामा करने वाले 45 सांसदों को निष्कासित कर चुकीं स्पीकर सुमित्रा महाजन शुक्रवार को लोकसभा में कार्यवाही के दौरान बेहद सख्त दिखीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को सीट पर बैठे-बैठे नहीं बोलने की नसीहत दी, तो कांग्रेस की ही सांसद सुष्मिता देव को फटकार लगाते हुए कहा कि वह उनकी निदेशक नहीं हैं। भाजपा के बीरेंद्र सिंह से साफ साफ कहा कि जब वह चाहेंगी तभी उन्हें बोलने का मौका मिलेगा। इसी क्रम में सांसदों के निष्कासन पर तत्काल विचार करने के डिप्टी स्पीकर थंबी दुरई के अनुरोध को भी ठुकरा दिया।
राफेल सौदे पर चर्चा के दौरान सोनिया ने गांधी परिवार के सदस्यों का नाम लेकर हमला कर रहे भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर का विरोध किया। इस दौरान उन्होंने स्पीकर से भी बहस की। इससे नाराज स्पीकर ने उनके वरिष्ठ सदस्य होने का हवाला देते हुए कहा कि आप जैसी सदस्य भी जब सीट पर बैठकर बहस करने की परंपरा शुरू करेगा तो क्या होगा। इसी क्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर जब बीरेंद्र सिंह ने आपत्ति दर्ज कर अपनी बात कहनी चाही तो स्पीकर ने साफ कहा कि उनकी इजाजत के बिना वह एक शब्द नहीं बोल सकते।