सुहैब इलियासी एक ऐसा नाम जो कभी क्राइम बेस्ड शो इंडियाज मोस्ट वांटेड के लिए जाना जाता था। सुहैब दो दशक पहले टीवी पर आए अपने इस शो को नए अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए बहुत जल्दी लोकप्रिय हो गया था। लेकिन अब इसकी पहचान उस शो से कम और उसकी निजी जिंदगी में हुई उथल पुथल के लिए जाना जाता है।
दरअसल सुहैब ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर एक हिंदू लड़की से ब्याह किया था। लेकिन देश में तब सनसनी फैल गई थी जब सुहैल ने अपनी प्रेमिका की बेहद निर्ममता तरीके से हत्या कर दी। इसके बाद सुहैल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी अंजू ने आत्महत्या की है। लेकिन शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुहैब को पत्नी की हत्या के इलजाम से बरी कर दिया है। जानिए कब-कब क्या हुआ।
सुहैब ने सन् 2000 में 10-11 तारीख की रात को अंजू पर चाकू से कई बार हमला किया था। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अंजू ने दम तोड़ दिया। इसके बाद 28 जनवरी को सुहैब के खिलाफ अंजू के परिवार ने दहेज का मामला दर्ज कराया। अक्टूबर 2002 में सुहैल के खिलाफ दहेज के कराण हत्या करने के आरेप में चार्जशीट दायर की गई। वहीं 29 मार्च 2003 में सुहैब के खिलाफ कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए और 304बी के तहत मामला दर्ज किया गया।
बता दें कि सुहैब ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ने वाली अंजू से घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी की थी क्योंकि दोनों का धर्म अलग था। सुहैब इलियासी और अंजू की मुलाकात 1989 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई थी। ये दोनों ही यहां मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। अंजू के पिता जामिया में मेटलर्जी विभाग के अध्यक्ष थे।
दोनों के बीच प्रेम तो पनपने लगा लेकिन दोनों ही घरवाले इस प्रेम और शादी के खिलाफ थे। घरवालों की मर्जी के खिलाफ दोनों ने शादी करने का फैसला किया और लंदन चले गए। लंदन में 1993 में दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली। अंजू और सुहैब अक्टूबर 1994 तक लंदन में ही रहे। जब दोनों भारत वापस आए तो अंजू ने सुहैब के साथ रहने से इनकार कर दिया और वापस लंदन अपने भाई के पास जाकर रहने लगी।
सूत्रों की मानें तो अंजू सुहैब से तलाक लेना चाहती थी लेकिन सुहैब ने इसका विरोध किया। आखिर दोनों में सुलह हो गई और 1994 में ही सुहैब लंदन गए और दोनों वापस भारत आ गए। 1995 में अंजू ने एक बेटी का जन्म दिया। इसी दौरान सुहैब ने इंडियाज मोस्ट वांटेड की शुरुआत की जो 1998 में ऑन एयर हुआ। इसी दौरान दोनों में फिर से मतभेद बढ़ गए और अंजू कनाडा स्थित अपनी बहन के पास रहने चली गईं। हालांकि सुहैब फिर से अपनी पत्नी को मनाने कनाडा गए और अंजू 1999 में वापस दिल्ली आ गईं।
अंजू ने दिल्ली के मयूर विहार में डेढ़ करोड़ का फ्लैट खरीदा जिसे दस महीने तक सजाया-संवारा गया। दिसंबर 1999 में दोनों इस घर में शिफ्ट हो गए। यहीं पर दोनों ने प्लान किया कि 16 जनवारी को अंजू का बर्थडे मनाया जाएगा और बड़ी पार्टी दी जाएगी। अंजू के जन्मदिन के छह दिन पहले इस घर में जख्मी हालत में उन्हें पाया गया।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुहैब ने पुलिस को बताया कि दोनों में कहासुनी के बाद अंजू ने खुद पर चाकू से हमला कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। अंजू को घरवालों ने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत और मामला कोर्ट में गया। 17 साल की अदालती लड़ाई के बाद कोर्ट ने मान लिया कि अंजू की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि, हत्या थी। लेकिन आज 5 अक्तूबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इलियासी को संदेह के आधार पर सभी आरोपों से बरी कर दिया।