भाजपा महासचिव बीएल संतोष और यूपी के प्रभारी राधामोहन सिंह के फीडबैक और सुझावों पर अमल हुआ, तो उत्तर प्रदेश में शीर्ष नौकरशाही और मंत्रिपरिषद में बदलाव हो सकता है।
आयोगों, निगमों के खाली पद इसी महीने भरने शुरू हो जाएंगे। सरकार व संगठन में विधानसभा चुनाव तक हर महीने लगातार समन्वय बैठकें होंगी। तीन दिन के लखनऊ प्रवास के बाद संतोष व सिंह ने केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक दे दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव तक स्थिति दुरुस्त करने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। उम्मीद है, इन सुझावों के अनुरूप इसी महीने से बदलाव को अमलीजामा पहनाया जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक विधानसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में संगठन व सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता।
मुलाकात में कई शिकायतें
संतोष व सिंह ने मंत्रियों-विधायकों से बातचीत और संघ से भी विमर्श किया। सूत्रों का कहना है, इस दौरान नौकरशाही के हावी होने, विधायकों-मंत्रियों की न सुनी जाने और आयोगों-निगमों में बिना वजह कई पदों को खाली रखे जाने की शिकायत मिली। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसी तरह का फीडबैक नेतृत्व को दिया है।
2022 चुनाव योगी के नेतृत्व में
बीएल संतोष और राधामोहन सिंह ने लखनऊ की तीन दिनी प्रवास के बाद नेतृत्व को सौंपे सुझावों में सरकार में नौकरशाही का प्रभाव कम करने, खाली पदों को भरने और विधायकों की शिकायतों का निपटारा करने की बात कही है। मंत्रिमंडल विस्तार में पीएम के करीबी नौकरशाह और विधानपरिषद सदस्य एके शर्मा को जिम्मेदारी मिलनी तय है।
हालांकि, उन्हें उपमुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, मगर अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी देने वाला पद दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और चुनाव का सबसे अहम मुद्दा हिंदुत्व होगा।
अगले माह से कमान संभालेंगे नड्डा-शाह
अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह अगले महीने से राज्य में चुनावी कमान संभालेंगे। विधानसभा चुनाव तक नियमित रूप से राज्य में प्रवास करेंगे। पहले दोनों नेताओं के इस महीने राज्य का दौरा करने की बात थी। हालांकि, बाद में तय हुआ कि फीडबैक और सुझावों के आधार पर जरूरी बदलाव को अंजाम देने के बाद दोनों नेता नियमित रूप से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे।