दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 की घटना पर सोनिया गांधी के आंसू बहने की खबर से कांग्रेस पार्टी का राम विरोधी चेहरा एक बार फिर देश के सामने आ गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह वही आंखें हैं जो बटला हाउस एनकाउंटर के आतंकियों के लिए भी रोई थीं। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि जब 1990 में कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार हुआ, तब कांग्रेस के नेताओं की आंखों से आंसू क्यों नहीं निकले? उन्होंने विवादित ढांचे को फिर से बाबरी मस्जिद कहे जाने पर भी गहरी आपत्ति जताई।
सोनिया गांधी को लेकर क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को सोनिया गांधी ने आखिर किस भारतीय टीवी चैनल पर ऐसी तस्वीरें देख लीं जिससे उनकी आंखों में आंसू आ गए? उन्होंने उस दिन का पूरा घटनाक्रम बताते हुए कहा कि कारसेवक सुबह 11:30 बजे परिसर में घुसे थे, शाम पांच बजे ढांचा ढहने के बाद कल्याण सिंह सरकार ने इस्तीफा दिया और रात 8:45 बजे तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने यूपी सरकार की बर्खास्तगी का एलान किया था।
उन्होंने याद दिलाया कि 1989 में दिवंगत राजीव गांधी ने अपना चुनाव प्रचार अयोध्या से भगवान राम का नाम लेकर शुरू किया था, जबकि आज की कांग्रेस गाजा के प्रति संवेदना जताती है और आतंकियों के लिए रोती है, जो उनकी कट्टरपंथी मानसिकता को उजागर करता है।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने इसे चुनावी नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव करीब आते ही ऐसे प्रदर्शन देखने को मिलेंगे। यह वही दल है जिसके संस्थापकों ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं और जिनके नेता कहते थे कि गुंबद पर चढ़े लोग वहां फंस गए थे। भाजपा सांसद त्रिवेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने 16 हिंदुओं को मरवाया था, इससे ज्यादा और क्या कर सकता था। उन्होंने कहा कि आज अगर अखिलेश यादव रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं, तो यह हिंदू एकता की ताकत का नतीजा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने और क्या कहा?
भाजपा सांसद ने कहा कि देखना होगा कि क्या अखिलेश यादव वाकई दर्शन करने जाते हैं या नहीं। लेकिन अगर वे केवल 'चुनावी हिंदू' बनकर भी आ रहे हैं, तो यह हिंदू समाज की एकजुटता की ही जीत है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासन में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं, आज उसी पार्टी के नेता पूजा-अर्चना करने की बातें कर रहे हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि यदि हिंदू समाज थोड़ी और एकजुटता दिखाए, तो दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रहते ऐसे लोग भी 'जय श्री राम' के नारे लगाने को मजबूर हो जाएंगे।
दीपावली के उत्सव के बीच कांग्रेस पर गहराया सियासी अंधेरा
सुधांशु त्रिवेदी ने देश के माहौल और कांग्रेस की सोच की तुलना करते हुए कहा कि आज जब पूरा देश दीपावली की तैयारियों में जुटा है और अयोध्या अनगिनत दीयों की रोशनी से जगमगाकर नया विश्व रिकॉर्ड बना रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरा अंधेरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तब भी बाबर था और आज भी उनकी मानसिकता में बाबर ही बसा हुआ है। भाजपा ने साफ किया कि जनता अब कांग्रेस की इस तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी ताकतों से साठगांठ की राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है।