भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को मोदी सरकार पर प्रवासी मजदूरों से रेल टिकट का किराया वसूलने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इसका किराया पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए। उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय पर सामने आई है जब कई ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि अपने गृह राज्य वापस जाने के लिए मजदूरों से यात्रा शुल्क लिया जा रहा है।
स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, 'यह भारत सरकार की कैसी नैतिकता है कि वह भूखे-प्यासे प्रवासी मजदूरों से उनकी यात्रा का शुल्क वसूल कर रही है। एयर इंडिया विदेश में फंसे भारतीयों को मुफ्त में वापस लेकर आई। यदि रेलवे मजदूरों का किराया देने से मना करती है तो इसे पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए।'
इससे पहले रेलवे ने कहा था कि वह राज्य सरकारों से श्रमिक स्पेशल ट्रेन टिकट का शुल्क ले रही है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें राज्य सरकारों द्वारा पहचानी और पंजीकृत नामांकित लोगों के लिए हैं और वह किसी भी व्यक्ति को कोई टिकट जारी नहीं करेगा और न ही किसी समूह के अनुरोध पर ध्यान देगा।
बता दें कि रेलवे ने एक मई से मजदूरों को ले जाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। ऐसा 40 दिनों से निलंबित यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के बाद किया गया। अब तक रेलवे ने राज्य सरकारों के अनुरोध पर प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए एक दर्जन से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध चुके हैं। राहुल गांधी ने पूछा है कि एक तरफ रेलवे पीएम केयर्स फंड में चंदा दे रही है तो वहीं दूसरी ओर कामगारों से किराया वसूल रही है। इस गुत्थी को सुलझाइए। वहीं सोनिया ने फैसला लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों के किराए का खर्च वहन करेगी।