भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (फाइल)
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पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी को सूरी नगरपालिका के दो टीएमसी पार्षदों के साथ यहां काली मंदिर में देखा गया, जिससे अटकलों को हवा मिली है। बैठक शनिवार को बीरभूम जिले के सूरी में बामनी काली मंदिर में हुई, जहां अधिकारी ने काली पूजा समारोह से पहले दौरा किया। दो पार्षद उज्ज्वल चटर्जी, जो सूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष थे, और कुंदन डे मंदिर में मौजूद थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता अधिकारी मंदिर में गए और उन्होंने उनसे बात की।
अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की तस्वीर
बाद में अधिकारी ने बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जिसमें चटर्जी उनसे बात करते नजर आ रहे हैं। पशु तस्करी मामले में बीरभूम जिला टीएमसी अध्यक्ष अनुब्रत मंडल सीबीआई की हिरासत में है। अधिकारी ने बार-बार मंडल की आलोचना की है। नंदीग्राम के विधायक अधिकारी टीएमसी के पूर्व नेता हैं। उन्होंने राज्य चुनाव से पहले 2020 में भाजपा में प्रवेश किया था और टीएमसी सरकार और इसकी सुप्रीमो ममता बनर्जी के घोर आलोचक हैं।
टीएमसी पार्षदों ने दी सफाई
टीएमसी पार्षदों ने बैठक को संयोग और बिना किसी राजनीतिक महत्व का बताया। यह पूछे जाने पर चटर्जी ने कहा कि मैं हर साल काली पूजा से पहले बामनी काली मंदिर जाता हूं। शनिवार को मैं अचानक मंदिर में शुभेंदु अधिकारी से मिला और शिष्टाचार के नाते उनसे बात की। वह पहले हमारी पार्टी (टीएमसी) में थे, हम एक-दूसरे को जानते हैं। वहीं, डे ने कहा कि हम राजनीति को मंदिर तक नहीं ले जाते हैं। टीएमसी हमेशा विपक्षी नेताओं के प्रति विनम्र रही है। बैठक के बारे में जिला टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।
अधिकारी ने बामनी मंदिर जाने के अलावा यहां दो काली पूजाओं का उद्घाटन किया था। राज्य भर में सोमवार को काली पूजा मनाई जा रही है। रविवार को बीजेपी जिलाध्यक्ष ध्रुबा साहा ने कहा कि इस मौके का फायदा उठाते हुए कई टीएमसी नेता बीजेपी में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें कोई जल्दी नहीं है। हम यह नहीं भूले हैं कि पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं के साथ क्या किया। भाजपा ने दावा किया है कि 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा में टीएमसी द्वारा उसके कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। टीएमसी ने आरोप को निराधार बताया है।