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स्टडी: अपने प्रियजनों से ज्यादा भारतीयों को सताती है मोबाइल की चिंता

Sun, 25 Feb 2018 05:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आज के समय में फोन किसी शख्स के लिए कितना महत्व रखता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग खुद से ज्यादा अपने फोन की चिंता करते हैं। काफी साल पहले कहा गया था कि एक दिन ऐसा आएगा जब तकनीक मानवीय संपर्क को मात दे देगा। तब दुनिया में मूर्खों की पीढ़ियां होंगी। ऐसा लगता है कि वह दिन आ चुका है। मोबाइल बनाने वाली कंपनी मोटोरोला की एक स्टडी की सामने आई है। यह स्टडी मोटोरोला ने नैंसी एटकॉफ के साथ पूरी दुनिया के लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार की है।

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एक विशेषज्ञ का कहना है कि हम एक पीढ़ी के तौर पर अपनी जिंदगी पर नियंत्रण खो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया के लगभग 33 प्रतिशत लोग खासतौर से युवा जिनका जन्म डिजिटल दुनिया में हुआ है, वह सभी अपने स्मार्टफोन की देखभाल अपने प्रियजनों से ज्यादा करते हैं। इस श्रेणी में भारत की 47 प्रतिशत जनता आती है। हम आपको बताते हैं रिपोर्ट की कुछ खास बातें:-

1. भारत के 64 प्रतिशत लोग यद देखकर स्मार्टफोन लेते हैं कि जो सभी अपडेट होने के बाद भी उसकी लाइफ 3-4 साल तक रहे।
2. दुनिया के 61 प्रतिशत लोगों का कहना है कि जब वे फोन का इस्तेमाल नहीं करते तब वह अपनी जिदंगी में बहुत कुछ करना चाहते हैं।
3. इस रिपोर्ट में तकनीक के कारण लोगों के बदलते व्यवहार पर भी रोशनी डाली गई है।
4. लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह नियमित तौर पर अपने फोन को चेक करते रहते हैं। वहीं 44 प्रतिशत लोग निरंतर अपने फोन को चेक करते हैं।
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5. दुनिया के 35 प्रतिशत लोगों ने इस बात को स्वीकार किया कि वह जरूरत से ज्यादा अपने फोन पर समय बिताते हैं। 
6. 65 प्रतिशत लोग यह सोचकर परेशान हो जाते हैं कि उनका फोन खो गया है।

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