जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जामा) में प्रकाशित इस शोध में टोक्यो के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने अक्तूबर 2012 से अक्टूबर 2022 तक जापान के 57,700 लोगों के 3.2 लाख स्वास्थ्य चेकअप डाटा का विश्लेषण किया। अध्ययन के अनुसार, शराब छोड़ने वालों में एलडीएल का स्तर उन लोगों की तुलना में अधिक पाया गया, जो नियमित रूप से शराब पीते रहे।
जापान में हुए एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि शराब छोड़ने वाले लोगों में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, जबकि एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल में कमी आती है।
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हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस अध्ययन की पद्धति और निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जामा) में प्रकाशित इस शोध में टोक्यो के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने अक्तूबर 2012 से अक्टूबर 2022 तक जापान के 57,700 लोगों के 3.2 लाख स्वास्थ्य चेकअप डाटा का विश्लेषण किया। अध्ययन के अनुसार, शराब छोड़ने वालों में एलडीएल का स्तर उन लोगों की तुलना में अधिक पाया गया, जो नियमित रूप से शराब पीते रहे। वहीं, शराब शुरू करने वालों में कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल में मामूली सुधार देखा गया। शोधकर्ताओं ने सलाह दी कि शराब की आदत बदलने के बाद कोलेस्ट्रॉल स्तर की निगरानी जरूरी है।
शोध का तरीका सवालों के घेरे में
ऑस्ट्रेलिया के एडिथ कोवन यूनिवर्सिटी में एडिक्शन विशेषज्ञ स्टीफन ब्राइट ने कहा कि अध्ययन का तरीका सवालों के घेरे में है। उन्होंने बताया, जो लोग शराब छोड़ते हैं, हो सकता है वे पहले भारी मात्रा में पीते रहे हों। ऐसे में उनकी तुलना संयमित पीने वालों से करना गलत निष्कर्ष दे सकता है। उन्होंने कहा कि शराब के हृदय-लाभ वाले पुराने दावों को भी खारिज किया जा चुका है।
कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ विक्टोरिया के शोधकर्ता टिम स्टॉकवेल के नेतृत्व में 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में 107 शोधपत्रों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि अधिकांश अध्ययन संयमित पीने वालों की तुलना उन लोगों से करते हैं, जो कभी नहीं पीते या कभी-कभार पीते हैं। इससे शराब पीने वालों के स्वास्थ्य परिणाम बेहतर दिखाई देते हैं, जबकि यह तुलना गलत हो सकती है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा- शराब की कोई मात्रा सुरक्षित नहीं
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जनवरी 2023 में द लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में स्पष्ट किया था कि शराब की कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है। अल्कोहल का सेवन कैंसर, लीवर रोग और मानसिक समस्याओं सहित 200 से अधिक बीमारियों का कारण बन सकता है। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं ने लोगों से संतुलित आहार और नियमित व्यायाम पर ध्यान देने की सलाह दी है।