शोधकर्ताओं का सुझाव है कि जिन लोगों में कम समय तक जीने का आनुवंशिक जोखिम अधिक है, वह 40 वर्ष की उम्र में बेहतर खानपान और नियमित व्यायाम जैसी अच्छी आदतों को अपनाकर असमय मृत्यु के आनुवांशिक जोखिम को 62 फीसदी तक कम कर सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपनी आयु में करीब 5.5 वर्षों का इजाफा कर सकते हैं।
बेहतर खानपान और नियमित व्यायाम जैसी अच्छी आदतों को अपनाकर असमय मृत्यु के आनुवांशिक जोखिम को 62 फीसदी तक कम किया जा सकता है। यानी बेहतर जीवनशैली अपनाकर हम अपने पूर्वजों से मिली बीमारियों से उबर सकते हैं। इतना ही नहीं स्वस्थ जीवनशैली उम्र में पांच वर्षों से ज्यादा का इजाफा कर सकती है। इस शोध के नतीजे बीएमजे एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं, जो इस संबंध में लम्बे समय तक चले कई अन्य अध्ययन के विश्लेषण पर आधारित हैं।
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शोधकर्ताओं का सुझाव है कि जिन लोगों में कम समय तक जीने का आनुवंशिक जोखिम अधिक है वह 40 वर्ष की उम्र में स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपनी आयु में करीब 5.5 वर्षों का इजाफा कर सकते हैं। चूंकि जीवनशैली से जुड़ी अच्छी आदतें अक्सर प्रौढ़ावस्था से पहले ही तय हो जाती हैं, इसलिए इस पड़ाव पर पहुंचने से पहले ही आनुवंशिक प्रवृत्तियों का मुकाबला करने के लिए कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
कम आयु जीन और खराब जीवनशैली वाले लोगों की शीघ्र मृत्यु की आशंका ज्यादा
शोधकर्ता ने 3,53,742 वयस्कों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया है। 2006 से 2010 के बीच इन सभी के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों को यूके बायोबैंक ने दर्ज किया था। इन लोगों के स्वास्थ्य पर 2021 तक नजर रखी गई। इनमें से 24,239 प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई।
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अध्ययन से पता चला कि कम आयु जीन वाले लोगों की शीघ्र मृत्यु की आशंका, लम्बी आयु जीन वाले लोगों की तुलना में 21 फीसदी अधिक होती है, चाहे उनकी जीवनशैली कुछ भी हो। इसी तरह खराब जीवनशैली वाले लोगों की असमय मृत्यु की आशंका स्वस्थ जीवनशैली वाले लोगों की तुलना में 78 फीसदी अधिक होती है, चाहे उनकी आनुवंशिक प्रवृत्ति कुछ भी हो। इसी तरह जिन लोगों की जीवनशैली खराब होने के साथ-साथ कम आयु तक जीने का आनुवंशिक जोखिम अधिक था उनकी मृत्यु की आशंका उन लोगों की तुलना में दोगुनी थी, जिनके जीन लम्बी आयु को दर्शाते हैं और जीवनशैली अच्छी थी।