आंधी की वजह से कार के ऊपर गिरा साइनबोर्ड
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उत्तर भारत के उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली जैसे राज्यों में आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई है। उत्तराखंड में त्यूनी में तूफान-तेज बारिश से बचने के लिए दर्जन भर से ज्यादा मजदूरों ने रविवार रात जिस चट्टान के नीचे शरण ली थी, उसके खिसकने से दबकर 10 नेपाली मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हादसों में चार लोगों की जान चली गई। वहीं यूपी में भी आंधी-तूफान के चलते हुए हादसों में पांच की मौत हो गई, जबकि ताजमहल क्षेत्र में पेड़ गिरने से दो पर्यटक घायल हो गए। वहीं हिमाचल प्रदेश में अंधड़ से घरों और गौशालाओं की छतें उड़ गई हैं और हादसे में हमीरपुर में एक वृद्ध की मौत हो गई।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बिजली गिरने से 10 साल की बालिका की मौत हो गई। रविवार रात और सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान ने उत्तराखंड में 14 लोगों की जान ले ली। देहरादून के त्यूनी तहसील के राजस्व क्षेत्र हनोल के निकट जोड़ा नामक स्थान पर रविवार देर रात चट्टान खिसकने से 10 नेपाली मजदूरों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए। दरअसल, तेज आंधी-तूफान से चीड़ का भारी भरकम पेड़ चट्टान पर गिर गया था जिससे चट्टान खिसक गई और तूफान से बचने के लिए ओट में बैठे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
वहीं, हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे दबकर एक किशोर तो ओतण और पटुड़ी गांव में भी पेड़ों के तले दबकर दो लोगों ने दम तोड़ दिया। पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लाक के उमरौली गांव में भी वज्रपात से एक युवती की मौत हुई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से दस साल के बालक की मौत हो गई और एक महिला झुलस गई। दो मवेशियों की भी मौत हुई है।
यूपी में आंधी का कहर
गतिमान एक्सप्रेस
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उत्तर प्रदेश में भी रविवार रात ओर सोमवार शाम को आंधी-तूफान ने कहर बरपाया, विभिन्न हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। आंधी के चलते पेड़ गिरने से जगह-जगह पेड़ के खंभे गिर गए जिससे कई जगह लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। 84 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी ने ताजमहल के मुगलिया चार बाग शैली के बागीचे को भी नुकसान पहुंचाया। सोमवार शाम को आई आंधी के समय दो पर्यटकों पर पेड़ की शाखा टूटकर गिर पड़ी, जिससे वे घायल हो गए। आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
दूसरी ओर दीवार गिरने से हरदोई एवं उन्नाव में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। लखीमपुर खीरी में भी एक की मौत हो गई। आंधी से मेरठ कैंट बोर्ड कार्यालय के सामने उखड़े पेड़ की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि लिसाड़ी गेट में दीवार गिरने से पांच बच्चे घायल हो गए। संभल के असमोली क्षेत्र के दबोई खुर्द गांव में आंधी से दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबकर पांच माह की बालिका की मौत हो गई। वहीं मिलक के पास रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल यातायात बाधित हुआ।
सोमवार शाम आंधी के कारण मथुरा रिफाइनरी के पास बाद स्टेशन के नजदीक ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) टूटने से रेल यातायात तकरीबन एक घंटे बाधित रहा। गतिमान एक्सप्रेस का पेंटो भी टूट गया। ट्रेन 50 मिनट तक खड़ी रही। दूसरा इंजन लगाकर इसे दिल्ली रवाना किया गया।