आर्थिक मोर्चे पर पहले ही बुरी तरह से घिरा पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के चलते अलग-थलग पड़ सकता है। पहलगाम में बर्बर आतंकी हमला मामले में अमेरिका, रूस, इस्राइल, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान जैसे देश पहले ही भारत के रुख का समर्थन कर चुके हैं। वहीं मुस्लिम देशों में धमक रखने वाले सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश आर्थिक और कूटनीतिक कारणों से विश्व व्यवस्था (ग्लोबल ऑर्डर) में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण भारत के ज्यादा करीब आए हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय के सख्त रुख के बीच सार्क वीजा रखने वालों को 26 अप्रैल तक भारत छोड़ना होगा। वहीं, आगमन, व्यापार, फिल्म, पत्रकार, सम्मेलन, पर्वतारोहण, छात्र, आगंतुक, समूह पर्यटक और तीर्थयात्री वीजा रखने वालों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ देना चाहिए। पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को दिए जाने वाले समूह तीर्थयात्री वीजा वालों को भी 27 अप्रैल तक देश छोड़ना होगा और जिनके पास मेडिकल वीजा है, उन्हें 29 अप्रैल तक देश छोड़ना होगा। हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों पर यह फैसला लागू नहीं होगा।
गृह मंत्रालय ने कहा कि किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को नया वीजा जारी नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा 27 अप्रैल से तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की थी और पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश लौटने की सलाह दी थी।
वीजा रद्द किए जाने का सरकार का फैसला हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को पहले से जारी दीर्घकालिक वीजा पर लागू नहीं होगा। ये वीजा वैध रहेंगे। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2024 के बीच पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को कुल 1,112 दीर्घकालिक वीजा दिए गए।