रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण में निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से लाए गए सामरिक भागीदारी (एसपी) मॉडल को लागू करने से संबंधित दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी। इसके तहत विदेशी कंपनियों की मदद से निजी क्षेत्र देश में ही पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों समेत अन्य सैन्य साजोसामान का निर्माण करेंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में यह फैसला लिया गया।
मेक इन इंडिया पहल के तहत मई 2017 में एसपी मॉडल का एलान किया गया था। इसका मकसद भारतीय कंपनियों और विदेशी रक्षा कंपनियों के संयुक्त उद्यम के जरिए देश में ही अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का माहौल तैयार करना है।
दिशानिर्देशों के मुताबिक, एसपी मॉडल के तहत सभी खरीद के लिए विशेष रूप से गठित अधिकार प्राप्त समिति (ईपीसी) की मंजूरी लेनी होगी। यह समिति परियोजनाओं के समय से पूरे होने पर ध्यान देगी।
कोस्ट गार्ड के लिए आठ गश्ती जहाज की खरीद को स्वीकृति
डीएसी ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोस्ट गार्ड को आठ फास्ट पेट्रोलिंग वाहनों की खरीद को मंजूरी दी। इसकी लागत करीब 800 करोड़ रुपये आएगी। साथ ही नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश को भी हरी झंडी दी।
शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने की देश की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने सोमवार को देश की बाहरी सुरक्षा चुनौतियों और रक्षा तैयारियों को गति देने के तौर तरीकों पर चर्चा शुरू की। एकीकृत कमांडर सम्मेलन (यूसीसी) की सालाना बैठक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी ऑपरेशन और चीन सीमा पर लगते हालात समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। दो दिवसीय बैठक में सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों के साथ ही तीनों बलों के वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी हिस्सा ले रहे हैं।