कहते हैं राजनीति में कोई किसी का दुश्मन नहीं होता तो किसी का सगा भी नहीं। लेकिन बाबा रामदेव और लालू यादव की यह तस्वीर कुछ और ही मायने बयां कर रही हैं, क्योंकि छह महीने पहले तक किसी ने इस नजारे की कल्पना नहीं की होगी।
यूं तो सीधे तौर पर योग गुरु बाबा रामदेव का राजनीति से कोई साबका नहीं है लेकिन दाएं बाएं राजनीति में उनकी दखल पूरी है। और यही बात कुछ नेताओं को खटकती भी है, लालू यादव भी उनमें से एक थे।
कांग्रेस के दिग्विजय सिंह तो खुलकर रामदेव पर हमला करते ही हैं लालू यादव भी जब तब उन पर कटाक्ष करने से नहीं चूकते थे। कुछ साल पहले जब रामदेव ने सांसदों को डकैत और हत्यारा कहा था तो इस पर भड़के लालू यादव ने कहा रामदेव पगला गए हैं, जो भी इस तरह की बात करता है वो पगलेट से कम नहीं है।
छह महीने पहले जब बिहार में चुनाव हो रहे थे तो लालू के बीफ पर दिए एक बयान पर रामदेव ने उन्हें कंस का वंशज तक कह डाला था। इस पर लालू ने फिर करारा हमला करते हुए कहा था कि बाबा योगी नहीं भोगी हैं। उन्हें अपने व्यापार पर ध्यान देना चाहिए।
लेकिन बुधवार को जब बाबा रामदेव अपने उत्पादों का पुलिंदा लेकर लालू यादव के घर पहुंचे तो हर कोई हैरत में रह गया। जिस गर्मजोशी से लालू यादव घर आए रामदेव से मिले उसने हर किसी के माथे पर सलवटें डाल दीं।