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सर्जिकल स्ट्राइक : भारतीय सेना ने कुछ ऐसे दिया था ऑपरेशन को अंजाम, आतंकियों में मच गई थी खलबली

Thu, 28 Jun 2018 01:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्जिकल स्ट्राइक
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करीब 21 महीने पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर जिस तरह से आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूद कर आतंकियों का खात्मा किया था, उसे कौन भूल सकता है। वो समय हर भारतीय के लिए गर्व करने का था। सेना के इस खतरनाक मिशन को सर्जिकल स्ट्राइक के नाम से जाना जाता है।
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इस मिशन को अंजाम देने के बाद सेना की खूब वाहवाही हुई थी। ये मिशन मोदी सरकार की शानदार उपलब्धियों में से एक माना जाता है। लेकिन सेना का ये मिशन यानी कि सर्जिकल स्ट्राइक बोलने में जितना आसान लगता है, असल में ये उतना ही खतरनाक मिशन था। इसके लिए सेना के 25 पैरा कमांडोज को खतरनाक ट्रेनिंग दी गई थी। उन्हें हर तरह के खतरे से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया था, ताकि वो बिना जानमाल का नुकसान हुए दुश्मनों का खात्मा कर सकें।

आइए जानते हैं क्या हुआ था उस दिन और सेना ने किस तरह सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था

दिन तो याद नहीं है, लेकिन वक्त था रात के 12.30 बजे का। एक सोची समझी रणनीति के तहत हेलीकॉप्टर से 25 पैरा कमांडोज को नियंत्रण रेखा के पास उतारा गया। साथ ही इस बात का खास ख्याल रखा गया कि पाकिस्तान सैनिकों को इस बात की भनक ना लगे। इसके लिए कमांडोज ने करीब 3 किलोमीटर की दूरी रेंग-रेंगकर तय की।

चूंकि, सेना को आतंकियों के ठिकानों के बारे में पहले से ही एकदम सटीक जानकारी थी, इसलिए वो सीधे उसी जगह पहुंचे जहां आतंकी अपने लॉन्च पैड्स के साथ भारत पर हमला करने का सपना संजोए बैठे थे। इधर, भारतीय कमांडोज भी अत्याधुनिक हथियार, ग्रेनेड्स, स्मोक ग्रेनेड्स, अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, नाइट विजन डिवाइसेज और हेलमेट माउण्टेड कैमरे से लैस थे।

अब चूंकि रात का समय था और आतंकी अपने सुरक्षित ठिकानों पर थे, इसलिए उन्हें भारतीय कमांडोज के आने की जरा भी भनक नहीं लगी और ना ही उन्होंने ऐसी उम्मीद भी की होगी। बस फिर क्या था, कमांडोज ने अपना सर्जिकल स्ट्राइक शुरू किया और सबसे पहले आतंकियों पर ग्रेनेड से हमला किया। अब आतंकी शिविरों में अफरा-तफरी मच गई। इसके साथ ही भारतीय कमांडोज ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और देखते ही देखते 38 आतंकियों को ढेर कर दिया।
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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जवानों की छुट्टियां हो गई थीं रद्द

इस हमले में पाकिस्तानी सेना के दो जवान भी मारे गए थे। हालांकि दो भारतीय पैरा कमांडोज भी इस ऑपरेशन में मामूली रूप से घायल हुए थे। उधर, इस ऑपरेशन को लेकर दिल्ली में भी खलबली मची हुई थी। सेना प्रमुख से लेकर रक्षा मंत्री, एनएसए अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री मोदी को भी नींद नहीं आ रही थी। वो पल-पल की जानकारी ले रहे थे।

आखिरकार सुबह के 4.30 बजे तक भारतीय सेना ने अपना ऑपरेशन खत्म कर लिया और सुरक्षित अपनी सीमा में लौट आए। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री को भी दी गई और तब जाकर कहीं उन्होंने चैन की सांस ली।

हालांकि इस ऑपरेशन के तुरंत बाद सभी सेनाओं और अर्धसैनिक बलों को अलर्ट पर रख दिया गया था। साथ ही सेना और बीएसएफ के जवानों की छुट्टियों को भी तत्काल रद्द कर दिया गया था। भारत की सभी सीमाओं पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके अलावा पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वायु सेना को भी अलर्ट पर रखा गया था।   
 
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