फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

अमृतपाल की NRI पत्नी की कहानी: खालिस्तानी समर्थक, बब्बर खालसा से संपर्क, विदेशों से फंडिंग कराती है किरणदीप

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 23 Apr 2023 12:54 PM IST

सार

Kirandeep Kaur Amritpal Wife: आज हम आपको बताएंगे कि किरणदीप कौन है? कब और कैसे उसने अमृतपाल से शादी की? किरणदीप को क्यों खालिस्तान का बड़ा समर्थक कहा जा रहा है? आइए समझते हैं...  
 
विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतपाल और उसकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को आखिरकार पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। हालांकि, कहा जा रहा है कि अमृतपाल ने पूरी प्लानिंग के साथ गिरफ्तारी दी है। वह पिछले 36 दिनों से फरार चल रहा था। दो दिन पहले यानी 20 अप्रैल को ही अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर लंदन जाने की कोशिश कर रही थी। उसे अमृतसर एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया और लंदन जाने से रोक दिया। अब अचानक अमृतपाल की गिरफ्तारी हो गई। 

अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर एनआरआई है। वह ब्रिटेन की नागरिक है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किरणदीप कौन है? कब और कैसे उसने अमृतपाल से शादी की? किरणदीप को क्यों खालिस्तान का बड़ा समर्थक कहा जा रहा है? आइए समझते हैं...  

 
विज्ञापन

अमृतपाल और उसकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को आखिरकार पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। हालांकि, कहा जा रहा है कि अमृतपाल ने पूरी प्लानिंग के साथ गिरफ्तारी दी है। वह पिछले 36 दिनों से फरार चल रहा था। दो दिन पहले यानी 20 अप्रैल को ही अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर लंदन जाने की कोशिश कर रही थी। उसे अमृतसर एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया और लंदन जाने से रोक दिया। अब अचानक अमृतपाल की गिरफ्तारी हो गई। 

अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर एनआरआई है। वह ब्रिटेन की नागरिक है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किरणदीप कौन है? कब और कैसे उसने अमृतपाल से शादी की? किरणदीप को क्यों खालिस्तान का बड़ा समर्थक कहा जा रहा है? आइए समझते हैं...  
 

10 फरवरी को चोरी-छिपे की थी अमृतपाल के साथ शादी 
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल ने 10 फरवरी को किरणदीप कौर से शादी की थी। 28 साल की किरणदीप पहले से ही खालिस्तानी समर्थक है। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, किरणदीप कौर का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। वह आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा के संपर्क में थी और अपने पति अमृतपाल सिंह की अध्यक्षता वाली डब्ल्यूपीडी के लिए फंड जुटाती थी। यहां तक कि वह 2020 में यूके में पुलिस के रडार पर आ गई थी। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 फरवरी को अमृतपाल सिंह ने किरणदीप कौर से अमृतसर के पास अपने पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में शादी की थी। दोनों की शादी बेहद करीबी रिश्तेदारों और परिवार के बीच हुई थी। शादी में किसी को तस्वीरें क्लिक करने की अनुमति नहीं थी। अगर कोई तस्वीर खींचना चाहता था तो वह उसकी पत्नी की तस्वीर पीछे से ले सकता था, सामने से चेहरा क्लिक करने की अनुमति नहीं थी।

 अमृतपाल सिंह का विवाह समारोह बेहद निजी कार्यक्रम था। किरणदीप कौर यूके की नागरिक है लेकिन दोनों ने शादी के बाद रिवर्स माइग्रेशन ट्रेंड शुरू करने की कोशिश के लिए पंजाब में ही रहने का फैसला लिया। 
 

अमृतपाल के फरार होने के बाद से सामने नहीं आई 
18 फरवरी को अमृतपाल के फरार होने के बाद से उसके पिता तरसेम सिंह और मां बलविंदर सिंह मीडियाकर्मियों से बात कर रहे हैं, लेकिन किरणदीप कौर ने नहीं की। 22 मार्च को एक महिला पुलिस अधिकारी सहित दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमृतपाल की पत्नी से पूछताछ करने उसके घर गए थे। हालांकि किरणदीप कौर से 'पूछताछ' के बारे में न तो पुलिस ने और न ही अमृतपाल के माता-पिता ने मीडिया के सामने खुलासा किया।
 

पति के लिए फंडिंग करती है किरणदीप
पुलिस और खुफिया एजेंसियों का दावा किया है कि कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह को 158 विदेशी अकाउंट से फंडिंग की जा रही थी। इनमें से 28 खातों से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी गई थी। इन खातों का संबंध पंजाब के माझा और मालवा से है। 

शुरुआती जांच में पता चला है कि किरणदीप ही अमृतपाल के लिए फंडिंग एकत्र करने का काम कर रही थी। किरणदीप लंबे समय से यूके में रह रही थी। यहीं से वह फंडिंग का पूरा काम देखती थी। 
 

1951 में किरणदीप के दादा यूके गए थे 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरणदीप के दादा 1951 में यूके चले गए थे। तभी से उसका परिवार वहीं रह रहा है। एक इंटरव्यू में किरणदीप ने कहा था कि मेरा परिवार सिख प्रचारकों का परिवार नहीं है। अन्य सिख परिवारों की तरह यूके के गुरुद्वारा साहिब में जाती थी। मैंने 12 वर्ष की उम्र से गुरुद्वारा साहिब जाना शुरू किया। मैं अमृतपाल के साथ किसी कार्यक्रम में नहीं गई और न ही अमृतपाल मुझे लेकर जाना चाहता था। वह चाहता था कि कोई मुझे अमृतपाल के नाम के साथ जोड़कर न पहचाने, जिससे भविष्य में कोई समस्या पैदा न हो। हमने यह फैसला भी नहीं किया था कि हमेशा ही पंजाब में ही रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next