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Union Budget 2025: कल से शुरू हो रहे बजट सत्र में हंगामे के आसार, विपक्ष उठा सकता है महाकुंभ भगदड़ का मुद्दा

Thu, 30 Jan 2025 08:15 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Union Budget 2025: संसद के बजट सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि महाकुंभ भगदड़, वीआईपी संस्कृति, संसदीय समितियों का राजनीतिकरण, और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के तेवर गरम हैं। वहीं सरकार ने भी अपनी रणनीति बनाई है और कई विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है।
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Budget 2025 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत हंगामेदार हो सकती है। विपक्षी दल प्रयागराज में महाकुंभ मेले में हुई भगदड़, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, को लेकर सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में हैं। वहीं संसद सत्र से पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार पर संसदीय समितियों का राजनीतिकरण करने और अपने बहुमत का इस्तेमाल कर जबरन अपना एजेंडा लागू करने का आरोप लगाया।
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31 जनवरी से बजट सत्र की शुरुआत
शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। वहीं शनिवार एक फरवरी को वित्तमंत्री लगातार आठवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी।  

विपक्ष के सरकार पर आरोप  
गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने महाकुंभ मेले में अव्यवस्था और वीआईपी संस्कृति पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की अनदेखी कर केवल वीआईपी लोगों को विशेष सुविधाएं दे रही है। कांग्रेस के लोकसभा उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने संसद की कार्यवाही में पक्षपातपूर्ण रवैये पर चिंता जताई है। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के लिए दिन तय करने की घोषणा व्यवसाय सलाहकार समिति की बैठक से पहले ही क्यों कर दी गई।  
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सरकार ने विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब
वहीं तमाम विपक्षी दलों की तरफ से लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि व्यवसाय सलाहकार समिति ही तय करेगी कि कौन-कौन से मुद्दे चर्चा के लिए जाएंगे। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हम एक रचनात्मक और प्रभावी बजट सत्र की उम्मीद करते हैं।

सर्वदलीय बैठक में कौन-कौन शामिल?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश, के सुरेश, गौरव गोगोई और प्रमोद तिवारी, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन, आरएसपी नेता एनके प्रेमचंद्रन, बीजेडी नेता सस्मित पात्रा, डीएमके नेता टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, जेएमएम नेता महुआ माजी और एनसीपी-एसपी नेता फौजिया खान समेत अन्य नेता शामिल हुए।

बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम  
बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद बजट प्रस्तावों की समीक्षा के लिए अवकाश होगा। वहीं बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चलेगा।  

सरकार ने 16 विधेयकों को बजट सत्र में पेश करने की योजना बनाई है। जिनमें ये प्रमुख विधेयक हैं: 
  • वक्फ (संशोधन) विधेयक
  • बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक
  • रेलवे (संशोधन) विधेयक
  • आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक
  • तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 
  • विमान सुरक्षा विधेयक
  • आव्रजन एवं विदेशी विधेयक
सरकार के खिलाफ क्या है विपक्ष की रणनीति?  
  • कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने फैसला किया है कि वे सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को एक साथ संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले के राजनीतिकरण और वीआईपी संस्कृति को लेकर सरकार को घेरा जाएगा। 
  • बीजेडी नेता सस्मित पात्रा ने ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने के वादे से पीछे हटने पर बीजेपी सरकार की आलोचना की।
  • आईयूएमएल नेता ई.टी. मोहम्मद बशीर ने संसद में कानून निर्माण प्रक्रिया के कमजोर होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वक्फ पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में सदस्यों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।  
  • एआईएडीएमके नेता थम्बी दुरई ने सरकार से कच्चाथिवु द्वीप पर भारत का नियंत्रण वापस पाने के लिए कदम उठाने की मांग की।  
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