भारत के इतिहास की सबसे बड़ी रेल दुर्घटनाओं में शुमार बालासोर ट्रेन हादसे में 275 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। वहीं, हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन लोगों के लिए पूरे देश से लोग प्रार्थना और मदद कर रहे हैं। वहीं, विपक्ष ने इस घटना को मुद्दा बनाते हुए केंद्र सरकार और रेलमंत्री पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने रेलमंत्री का इस्तीफा भी मांगा है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए हादसे पर राजनीति न करने को कहा है। साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के रेल मंत्रियों का ट्रैक रिकॉर्ड किसी आपदा से कम नहीं है।
अमित मालवीय ने शेयर किया संप्रग सरकार के रेल मंत्रियों का ट्रैक रिकॉर्ड
कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर पलटवार करते हुए भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने ममता बनर्जी, नीतीश कुमार और लालू यादव के समय में हुए रेल हादसों का ब्योरा दिया है। अपनी इस पोस्ट के साथ अमित मालवीय ने लिखा है,'इस्तीफा मांगने वालों का रिकॉर्ड कार्ड'।
अमित मालवीय ने अपने अगले पोस्ट में लिखा है कि बालासोर में हुई दुखद घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यूपीए के समय में हुई दुर्घटनाएं किसी आपदा से कम नहीं थी। खराब बात तो यह है कि यह काबिल लोग पिछले सात दशकों के सबसे काबिल और कुशल रेलमंत्री से इस्तीफा मांग रहे हैं। अभी यह समय राजनीति का नहीं है। पहले हम सभी को राहत और बचाव कार्य पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में बीते कुछ सालों में रेलवे में हुए कामों का भी ब्यौरा दिया है।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
अमित मालवीय ने इस दौरान टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति में ममता बनर्जी का उदय शवों को लेकर हुआ है। सिंगूर से लेकर 2021 के चुनाव के बाद की हिंसा तक उन्होंने जो कुछ किया है सब मौत और तबाही की गंदी राजनीति में लिप्त हैं। उन्होंने इसके साथ ही एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में अश्वीनी वैष्णव को ममता बनर्जी को हादसे में मरने वालों की संख्या को लेकर समझाते हुए देखा जा सकता है।
रेलवे में हुए कामों को गिनाया
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं। इसमें पटरियों के रखरखाव और नवीनीकरण के लिए रिकॉर्ड काम शामिल है। बीते नौ सालों में ब्रॉड गेज रूट पर सभी मानवरहित क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने अन्य उपायों का हवाला देते हुए कहा कि रेल मार्गों पर ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) या 'कवच' लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
कांग्रेस ने की थी इस्तीफे की मांग
बता दें कि कांग्रेस ने पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की थी। सुरजेवाला ने कहा था कि क्या यह सच है कि रेल मंत्री सुरक्षा से ज्यादा प्रधानमंत्री की छवि सुधारने और उनकी मार्केटिंग करने में व्यस्त थे? क्या रेल मंत्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय पीएम से वंदे भारत को हरी झंडी दिखवाने और रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण में व्यस्त थे?
शुक्रवार को हुआ था हादसा
बता दें कि ओडिशा के बालासोर जिले में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेनें और एक मालगाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। ये घटना शुक्रवार शाम 7 बजे बालासोर के बहनागा बाजार स्टेशन के पास हुई। इस दुर्घटना में कम से कम 275 लोगों की मौत हो गई और 1,175 से अधिक घायल हो गए। ये घटना भारत में लगभग तीन दशकों में सबसे बड़ी रेल दुर्घटना है। इस हादसे के बाद रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने टक्कर रोधी कवच प्रणाली पर बहस शुरू कर दी है।