क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण आसान नहीं है। खलीज टाइम्स के अनुसार मिशेल को भारत लाने के लिए दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ले जाया गया है, लेकिन भारतीय एजेंसियां अभी प्रत्यर्पण की कोई पुष्टि नहीं कर रही हैं। मिशेल यूएई में है, लेकिन वह ब्रिटिश नागरिक है। मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाने के कारण भारत के लिए वांछित है।
इसके लिए भारतीय एजेंसियां यूएई की अदालत में मिशेल के प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रही हैं, लेकिन किसी दूसरे देश के नागरिक(ब्रिटेन) को यूएई की अदालत किसी तीसरे देश(भारत) को कैसे प्रत्यर्पित कर सकती है? इसकी वैधानिकता क्या होगी?
भारत किस आधार पर यूएई की अदालत के फैसले पर ब्रिटेन के नागरिक का प्रत्यर्पण कराकर अपने देश में ला सकेगा और इसका भारत तथा ब्रिटेन के संबंध पर क्या असर पड़ेगा? ये सवाल काफी पेचीदा हैं। माना जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस सवाल पर कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। विदेश सचिव विजय गोखले के लिए इसका जवाब ढूंढ पाना आसान नहीं है और सीबीआई के भीतर भी यह बड़ा तकनीकी मामला माना जा रहा है।
3,600 करोड़ रुपये की लागत से विशिष्ट व्यक्तियों के लिए खरीदे जाने वाले 12 अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदे में मिशेल ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इस सौदे में कदाचार के आरोप पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल एसपी त्यागी पर भी है। हालांकि सौदे में कदाचार के आरोप के बाद भारत ने एक जनवरी 2014 को रद्द कर दिया है।