दो लाख रुपये का इनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह बृहस्पतिवार की रात खोराबार क्षेत्र में रामनगर कड़जहां में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में मारा गया। बाइक से साथी के साथ शातिर गोपालगंज जा रहा था। लौटकर आने के बाद बड़हलगंज क्षेत्र में क्लिनिक चलाने वाले मऊ, जौनपुर के डॉक्टरों की हत्या करने की योजना बनाई थी। पुलिस को धर्मेंद्र के पास से कारबाइन और पिस्टल मिली है।
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एसटीएफ से मुठभेड़ 2
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
आजमगढ़, के तरवा का रहने वाला शातिर धर्मेंद्र सिंह पर डीजीपी ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 10 मई 2016 को उसने बड़हलगंज कस्बे में प्राइवेट क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर संजय कुमार, डॉक्टर शमीम आब्दी, डॉक्टर शिवमुनी गौड़, डॉक्टर एचएन सिंह पटेल से 60 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। रुपये न मिलने पर उसने हत्या की धमकी दी थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ ही एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
बृहस्पतिवार की शाम एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के प्रभारी सीओ विकास त्रिपाठी को धर्मेंद्र सिंह के गोरखपुर में होने की जानकारी मिली। मुखबिर ने बताया कि वह रंगदारी न देने वाले डॉक्टरों की हत्या के फिराक में है। बृहस्पतिवार को बिहार के गोपालगंज जाने वाला है। लौटकर आने पर वारदात को अंजाम देगा। एसटीएफ टीम ने फोरलेन शाम सात बजे फोरलेन पर घेराबंदी कर छानबीन शुरू कर दी। रात पौने आठ बजे के करीब धर्मेंद्र सिंह बाइक से साथ के साथ पहुंचा। घेराबंदी करने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ 80 राउंड से ज्यादा गोलियां चली।
एक घंटे तक चली मुठभेड़ में शातिर धर्मेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गया। धर्मेंद्र के घायल होते ही साथी वहां से फरार हो गया। एसटीएफ की टीम उसे लेकर सीएचसी खोराबार पहुंची जहां डॉक्टर ने मृत उसे घोषित कर दिया। मुठभेड़ की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसएसपी अनंत देव, एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, एसओ खोराबार फोर्स के साथ पहुंचे। मुठभेड़ में एसटीएफ के दरोगा और सिपाही भी घायल हुए है जिनकी हालत खतरे से बाहर है। धर्मेंद्र पर कुल 35 मुकदमे दर्ज थे।