तमिलनाडु में पुलिस गोलीबारी में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। बंदरगाह शहर तूतीकोरिन में एक स्टरलाइट प्लांट (तांबा गलाने वाले संयंत्र) को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग कर रहे हजारों लोग हिंसक प्रर्दशन पर उतर आए। इसी वजह से थूथुकुडी में धारा 144 लागू है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने स्टरलाइट कंपनी के विस्तार पर रोक लगा दी है। इस मामले पर गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है।
इसी बीच मामले को लेकर सियासत गर्म हो गई है। भाजपा नेता और सांसद
सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले में जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को जवाब देने के लिए कहा है वहीं राहुल गांधी का आरोप है कि लोगों ने आरएसएस की विचारधारा नहीं मानी इसी वजह से उनका संहार किया गया। स्वामी का आरोप है कि चिदंबरम कंपनी के वैतनिक निदेशक थे यानि वह इस पद के लिए पैसे लिया करते थे।
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'पी चिंदबरम को
स्टरलाइट विरोध प्रदर्शन की घटना पर जवाब देना चाहिए। वह कई वर्षों तक कंपनी के वैतनिक निदेशक थे। मेरे पास इससे संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद हैं। अब उन्हें स्टरलाइट की तरफ से इस मामले पर सफाई देनी चाहिए।'
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने ट्वीट कर कहा, तमिलनाडु में तमिलों की हत्या इसलिए कर दी गई है क्योंकि उन्होंने आरएसएस की विचारधारा और सदस्यता को लेने से मना कर दिया था। मगर हम मोदी और आरएसएस के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे और आपके इस विरोध को वह झुका नहीं पाएंगे। आपको कोई दबा नहीं सकता है, हम आपके साथ हैं।