तमाल रूस संग 21,000 हजार के रक्षा समझौते का हिस्सा
तमाल युद्धपोत 2016 में रूस के साथ 21,339 करोड़ (2.5 बिलियन डॉलर) के रक्षा समझौते का हिस्सा है। इसके तहत चार क्रिवाक/तलवार श्रेणी के स्टील्थ युद्धपोत बनाए जा रहे हैं। इनमें से दो का निर्माण रूस के यांतर शिपयार्ड में और दो अन्य का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) में होना है। गोवा में बनने वाले युद्धपोत के लिए रूस अपनी प्रौद्योगिकी देगा।
रूस के साथ समझौते के तहत पहला युद्धपोत आईएनएस तुषिल पिछले साल दिसंबर में यांतर शिपयार्ड में नौसेना में शामिल हुआ था और फरवरी में देश पहुंचा था। तुशिल और तमाल प्रोजेक्ट 1135.6 के उन्नत क्रिवाक-3 श्रेणी के युद्धपोत हैं। ऐसे छह युद्धपोत पहले से ही सेवा में हैं। इनमें से तीन तलवार श्रेणी के हैं। ये रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के बाल्टिक शिपयार्ड में बने हैं। अन्य तीन तेग श्रेणी के युद्धपोत हैं और ये यांतर शिपयार्ड पर बने हैं।
नए युद्धपोतों में 26 फीसदी स्वदेशी सामान
नए युद्धपोतों में करीब 26 फीसदी स्वदेशी सामान लगा है। यह पिछले तेग श्रेणी के युद्धपोत से दोगुना है। इनके निर्माण में 33 कंपनियों का योगदान है। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस (भारत-रूस का संयुक्त उद्यम) और नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम्स (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी) भी शामिल हैं।