सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट केउस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि काला धन अधिनियम, 2016 को जुलाई, 2015 (कानून के अस्तित्व में आने से पहले) से प्रभावी बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति एमआर शाह की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के 16 मई के उस आदेश पर स्टे लगा दिया है जिसमें आयकर विभाग को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले केआरोपी गौतम खेतान के खिलाफ काला धन मामले के कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही पीठ ने खेतान को भी नोटिस जारी कर छह हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट ने खेतान की याचिका पर आदेश पारित कर दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को केंद्र सरकार ने चुनौती दी थी। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से कहा कि पूर्व तारीख से काला धन अधिनियम को प्रभावी बनाने के केंद्र सरकार के अधिनियम पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाना गलत है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गत 16 मई को खेतान के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर यह कहते हुए अंतरिम रोक लगा दी थी कि प्रथम दृष्टया खेतान के दलीलों में दम है। खेतान का कहना था कि यह अधिनियम वर्ष 2016 में आया है लेकिन इसे एक जुलाई, 2015 से प्रभावी बनाया गया है, इसलिए यह अधिनियम गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने कहा था कि आखिर अधिनियम को पूर्व तारीख से कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है।