केंद्र सरकार ने बुधवार को मुंबई हाईकोर्ट में बताया कि दहेज को बढ़ावा देने वाली सभी वैवाहिक वेबसाइट बंद करने के लिए राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार ने दहेज पर वकील प्रिसिला सैमुअल की जनहित याचिका पर हाल ही में अपने हलफनामे में यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि अब इस पर राज्य सरकारों को कदम उठाना है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित देव और सरकारी वकील अभय पाटकी ने अदालत को आश्वासन दिया कि ऐसे दिशा-निर्देश को लागू करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पाटकी ने अदालत से कहा कि राज्य सरकार दो हफ्ते में हलफनामा दायर करेगी जिसमें शिकायत निवारण प्रणाली एवं जिला स्तरीय परामर्श बोर्डों के गठन और उनकी समय सीमा आदि के बारे में ब्योरा होगा। देव ने कहा कि दहेज निषेध अधिकारी के प्रस्ताव पर राज्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग विचार कर रहा है।
इसके बाद प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन एवं वित्त विभाग अपनी मंजूरी देगा और इसके बाद इसे मंत्रिमंडल के सामने उसके अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। न्यायमूर्ति शांतनु केमकार और न्यायमूर्ति प्रकाश नाइक की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 जनवरी तय की है।