एक तरफ वैक्सीन की कमी के चलते राज्यों में टीकाकरण केंद्र अस्थायी तौर पर बंद हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वैक्सीन कमी को लेकर केंद्र सरकार राज्यों को ही जिम्मेदार ठहरा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है लेकिन बार-बार राज्यों को 15 दिन पहले की स्थिति बताने के बावजूद प्रबंधन उचित तरीके से नहीं किया जा रहा है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक राज्य को 15 दिन पहले पता होता है कि उसे कितनी खुराक मिलने वाली हैं? उसी के अनुसार उन्हें अपने राज्य में टीकाकरण करना है। लेकिन इस व्यवस्था पर ध्यान न देते हुए राज्य प्रबंधन पर जोर नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्यों को इस माह में तीन बार खेप मिल चुकी है। अब अगली खेप के लिए अगले सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ेगा। तीन बार की खेप में करीब एक करोड़ से भी अधिक वैक्सीन की खुराक मिल चुकी हैं। इस पूरे महीने में 12 करोड़ खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है जोकि कम भी हो सकता है। एक दिन पहले ही राज्यों को 12 लाख खुराक उपलब्ध हुई हैं।
मंत्रालय के अनुसार अब तक वैक्सीन की 39.59 करोड़ से अधिक खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा 30,250 खुराकें कुछ राज्यों को पहुंचने वाली हैं। अब तक खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 38,07,68,770 की खपत हो चुकी है लेकिन अभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और निजी अस्पतालों के पास 1.51 करोड़ से अधिक और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है। मंत्रालय ने इन आंकड़ों के आधार पर वैक्सीन की कमी से साफ इंकार किया है।