सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन राज्यों और
केंद्र शासित प्रदेशों से नाराजगी जताई, जिन्होंने
ओल्ड एज होम संबंधी याचिका पर हलफनामा दायर नहीं किया है। अदालत ने कहा, साफ है कि अधिकारियों को बुजुर्गों की चिंता नहीं है। जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता को सूचित किया गया कि 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हलफनामा दायर कर दिया है, लेकिन 11 ने अब तक जानकारी नहीं दी है।
कोर्ट ने नाराजगी जताई कि गोवा, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, मिजोरम, मध्य प्रदेश, अंडमान और लक्षद्वीप ने न तो हलफनामा दिया और न इन राज्यों के वकील सुनवाई के दौरान पेश हुए। अदालत ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत इन राज्यों को तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की बात की गई है।