पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को असम के एक तेल क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की। आयल इंडिया के एक तेल कुएं में लगी इस भयंकर आग को बुझाने में कंपनी के दो कर्मचारियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी आयल इंडिया लिमिटेड (आयल) के असम के तिनसुखिया जिले स्थित बागजन तेल क्षेत्र में 27 मई को अनियंत्रित गैस उत्सर्जन हुआ। कुएं ने नौ जून को आग पकड़ ली। इसके बाद कंपनी ने सिंगापुर स्थित कंपनी अलर्ट डिसास्टर कंट्रोल के विशेषज्ञों को फैलती आग को नियंत्रित करने के लिए बुलाया। आग लगने के कारणों का हालांकि, अब तक पता नहीं लग पाया है।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस अवसर पर लोगों के जीवन और संपत्ति को नुकसान की आशंकाओं को दूर करने पर जोर दिया। हालांकि इसमें कहा गया कि प्रभावित परिवारों को पूरी राहत और मुआवजा दिया जायेगा। राज्य सरकार के साथ इस बारे में जो भी अंतिम निर्णय होगा उसके मुताबिक कदम उठाए जाएंगे। सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को घोषणा की कि गैस के कुएं में मारे गए दो अग्निशामकों का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए, सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने समाज के हित के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसके दो अग्निशामकों की कुएं में बड़े धमाके की वजह से मृत्यु हो गई। मंगलवार को आग के जोर पकड़ने के बाद दोनों अग्निशामक लापता हो गए थे, आज सुबह एनडीआरएफ की टीम ने उनके शव बरामद किए।