बड़े नोटों को बंद करने के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र में छिड़ी बहस में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने भगोड़े विजय माल्या को छूट नहीं दी है। उनके ऊपर कार्रवाई जारी है। सिर्फ फाइनेंशियल क्लोजिंग करने के लिए बैंक अकाउंट में लोन को राइट-ऑफ किया गया है।
साथ ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर कवर फोटो बदल दी है। इसमें कहा गया है कि 'भारत कालेधन को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता है। जेटली की फोटो के साथ यह भी लिखा हुआ है कि ईमानदारी और नैतिक आचरण देश के विकास की आवश्यकता है।
गौरतलब है की भारतीय स्टेट बैंक ने सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित विजय माल्या का तकरीबन सात हजार करोड़ रुपए का बकाया लोन डूबा हुआ मान लिया है। डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, बकाया वसूल नहीं कर पाने पर शीर्ष 100 विलफुल डिफाल्टरों में से 63 पर 7016 करोड़ रुपए का लोन माफ करने का फैसला किया है।
बताते चलें कि 63 डिफाल्टरों की ये राशि कुल 100 डिफाल्टरों का 80 फीसदी है। यह छूट बैंक की प्रक्रिया बैड लोन के अंतर्गत की गई है। सभी कंपनियों को बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया।
विजय माल्या के अलावा किंगफिशर एयरलाइंस का तकरीबन 1201 करोड़ रुपए, केएस ऑयल का 596 करोड़ रुपए, सूर्या फार्मास्यूटिकल का 526 करोड़ रुपए, जीईटी पावर का 400 करोड़ रुपए और साई इंफो सिस्टम का 376 करोड़ रुपए शामि है।
डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने इस बारे में एसबीआई के अधिकारियों से जानकारी मांगनी चाही तो उसे कोई जवाब नहीं मिला।
कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने दो गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसमें फेरा के उल्लंघन के मामले में सम्मनों को कथित तौर पर तामिल नहीं करने और चेक बाउंस को लेकर दायर डीआईएएल की एक याचिका पर वारंट जारी है।
Loan to Vijay Mallya's Kingfisher a write-off 'only in books,' but the Govt still pursuing his case: Arun Jaitley in RS pic.twitter.com/1sh3QTJ2Z5— ANI (@ANI_news) November 16, 2016