रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की रैली के दौरान राज्य सरकार की ओर से लापरवाही बरती गई थी। उसमें कहा गया है कि रैली के दौरान वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौजूद रहना चाहिए था लेकिन वहां कोई भी नहीं था। इसके अलावा वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। जिससे पंडाल में अधिक संख्या में लोग पहुंच गए और ये हादसा हो गया।
राज्य प्रशासन ने की नियमों की अनदेखी
रिपोर्ट में राज्य प्रशासन पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। इसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए ब्लू बुक में नियम तैयार किए गए थे। इसमें लिखा है कि राज्य प्रशासन ने इन नियमों की अनदेखी की है। इसके अलावा रैली से पांच दिन पहले प्रशासन ने स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट भी दिया था। जबकि उसके बाद इलाके में भारी बारिश हुई लेकिन रैली से पहले वहां दोबारा जांच नहीं की गई।