तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की है। पिछले दिनों फडणवीस ने कथित तौर पर कहा था कि मदुरै मेट्रो परियोजना के लिए भाजपा के उम्मीदवार की जीत जरूरी है। स्टालिन ने इसे असंविधानिक और मतदाताओं को धमकाने वाला कृत्य बताया है।
तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी के बीच 'मदुरै मेट्रो' परियोजना को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि फडणवीस मदुरै मेट्रो परियोजना का इस्तेमाल मतदाताओं को 'ब्लैकमेल' करने के लिए कर रहे हैं।
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क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मदुरै में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर कहा था कि अगर मदुरै के लोग भाजपा के विधायक को चुनते हैं, तभी इस शहर को मेट्रो रेल की सौगात मिल पाएगी। फडणवीस के इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
स्टालिन का 'डब्बा इंजन' वाला तंज
मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक के बाद एक कई कड़े प्रहार किए। उन्होंने फडणवीस से सवाल किया कि क्या एक मुख्यमंत्री का काम सौदा करना और मतदाताओं को यह कहकर डराना है कि भाजपा को वोट दोगे तभी मेट्रो मिलेगी? स्टालिन ने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले एक मुख्यमंत्री को दूसरे राज्य में जाकर ऐसी भाषा बोलना शोभा नहीं देता।
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स्टालिन यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा के मशहूर 'डबल इंजन सरकार' के नारे पर तंज कसते हुए इसे 'डब्बा इंजन मॉडल' बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से फंड आवंटन में भेदभाव के बावजूद तमिलनाडु 'द्रविड़ियन मॉडल' के दम पर दो अंकों की आर्थिक विकास दर हासिल कर रहा है।
मेट्रो प्रोजेक्ट पर क्यों फंसा है पेंच?
बता दें कि तमिलनाडु सरकार ने मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट केंद्र को भेजी थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने यह कहते हुए इसे वापस कर दिया कि इन शहरों की आबादी फिलहाल मेट्रो के लिए अनिवार्य 20 लाख की शर्त को पूरा नहीं करती है। इसी तकनीकी पेंच को अब भाजपा और डीएमके अपनी-अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्टालिन ने कहा कि फडणवीस तमिलनाडु की उपलब्धियों और यहां के विकास कार्यों का अध्ययन करें, फिर कोई बयान दें। इस जुबानी जंग ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में दक्षिण की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है।