तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जाएगा। इस बैठक के बाद स्टालिन ने बताया कि चुनाव आयोग से यह अनुरोध किया गया था कि तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद कराया जाए, ताकि संशोधन की प्रक्रिया बिना भ्रम और संदेह के पूरी हो सके। लेकिन आयोग ने यह मांग ठुकरा दी।
यह भी पढ़ें -
Bihar Elections: एनडीए अति आत्मविश्वास को लेकर सतर्क, अमित शाह और जेपी नड्डा ने संभाला मोर्चा
चुनाव आयोग ने नहीं स्वीकार की हमारी मांग- स्टालिन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, 'चुनाव आयोग ने हमारी यह मांग स्वीकार नहीं की कि विशेष पुनरीक्षण 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद किया जाए। इसलिए आज की सर्वदलीय बैठक में हमने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।'
अप्रैल 2026 में तमिलनाडु में होना है अगला चुनाव
तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार अप्रैल 2026 में होना है। इस बैठक में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, कई दलों ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे नामों में गड़बड़ी और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। सर्वदलीय बैठक का यह फैसला अब राज्य की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि चुनावी तैयारियों के बीच मतदाता सूची की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर बहस तेज हो गई है।
न्यायालय के माध्यम से हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे- वासुकी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एमके स्टालिन की तरफ से एसआईआर पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बारे में, सीपीआईएम पोलित ब्यूरो सदस्य यू वासुकी ने कहा, 'अन्य राजनीतिक दलों की राय और टिप्पणियों को सुनने के बाद प्रस्ताव के मूल मसौदे में संशोधन किया गया था। इसलिए यह एक बहुत ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी... सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से, हम एक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, और हम जनता के पास भी जाएंगे, क्योंकि जनता की भागीदारी के बिना कुछ भी नहीं रोका जा सकता। इसलिए हम इसके खिलाफ अपने अभियान के तहत जनता से संपर्क करेंगे।' इस बैठक में भाग नहीं लेने वाले दलों के बारे में, वह कहती हैं, 'उन्होंने पहले ही निर्णय ले लिया है। भाजपा और एआईएडीएमके एक ही गठबंधन में हैं। अगर टीवीके इस बैठक में नहीं आती है, तो हम समझ सकते हैं कि उनकी राजनीतिक स्थिति क्या है।'
यह भी पढ़ें -
Maharashtra: 'विकास के बल पर जीतेगा महायुति गठबंधन', डिप्टी सीएम शिंदे ने जताया निकाय चुनाव में जीत का भरोसा
12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलान किया कि आयोग नवंबर से फरवरी के बीच 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर के दूसरे चरण का आयोजन करेगा। इनमें अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।