मुंबई में आतंकी हमले के मुख्य सूत्रधार और लश्कर ए तैयबा प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद को लेकर भारत चुप बैठने वाला नहीं है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले सप्ताह अपने रूस और चीन के समकक्ष क्रमश: सर्गेई लावरोव और यांग यी के सामने इस मुद्दे को न केवल उठाएंगी, बल्कि पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए आतंकवाद पर साझा वक्तव्य की मांग भी कर सकती हैं।
भारत का आतंकवाद पर रुख साफ
भारत का हमेशा से आतंकवाद पर रुख साफ रहा है और इसने विश्व समुदाय के सामने हमेशा इसे मानवता के दुश्मन के रूप में देखने की मांग की है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीन के विदेश मंत्री यांग यी 11 दिसंबर को भारत में होंगे।
11 दिसंबर को भारत-रूस-चीन तीनों देशों के विदेश मंत्री आपस में बने त्रिपक्षीय फोरम आरआईसी में हिस्सा लेंगे। इस बैठक से इतर भारत-रूस और भारत-चीन के विदेश मंत्री के बीच में द्विपक्षीय चर्चा भी प्रस्तावित है। द्विपक्षीय चर्चा में क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय तथा आपसी हितों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत यात्रा के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मिलने की संभावना है।
नई दिल्ली यात्रा के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में अंतरराष्ट्रीय संबंध तथा भारत-रूस सहयोग के नए आयाम पर व्याख्यान देंगे। वहीं यांग यी प्रवासी भारतीय परिषद द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शरीक होंगे।