TMC MLA Manik Bhattacharya summoned by ED
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पश्चिम बंगाल के चर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी व उनकी सहयोगी के बाद अब सत्तारूढ़ टीएमसी के विधायक मानिक भट्टाचार्य घेरे में हैं। एजेंसी द्वारा तलब किए जाने के बाद टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य कोलकाता में ईडी कार्यालय से निकल चुके हैं और यहां उनसे करीब 16 घंटे पूछताछ चली।
तृणमूल विधायक भट्टाचार्य बुधवार सुबह ईडी के दफ्तर में तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। ईडी ने उन्हें समन भेजकर आज तलब किया था। एसएससी के शिक्षक भर्ती घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हैं भट्टाचार्य
भट्टाचार्य नादिया जिले के पलाशीपाड़ा से विधायक हैं। वे पश्चिम बंगाल हायर सेकंडरी शिक्षा बोर्ड WBBSE के पूर्व अध्यक्ष हैं। उन्हें ईडी ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स के ईडी दफ्तर में दोपहर 12 बजे बुलाया गया था, लेकिन वे 10 बजे ही पहुंच गए। ईडी के सूत्रों ने बताया कि करीब 11 बजे उनसे पूछताछ शुरू हुई। मानिक भट्टाचार्य के परिसर पर भी ईडी ने 22 जुलाई को छापा मारा था। इसके बाद उन्हें ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया था।
पार्थ चटर्जी व अर्पिता का मेडिकल कराया
इस बीच, पूर्व में गिरफ्तार बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी व उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को चिकित्सा जांच के लिए आज जोका स्थित ईएसआई अस्पताल ले जाया गया। दोनों को कोर्ट ने 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में सौंपा है। चटर्जी व मुखर्जी को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। ईडी शिक्षक भर्ती घोटाले में वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है। ईडी ने पहले चटर्जी के घर छापा मारा था और फिर उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर। अर्पिता के घर से 20 करोड़ रुपये नकद जब्त हुए थे।
चटर्जी टीएमसी के महासचिव और संसदीय मामलों के मंत्री हैं। पूर्व में वे शिक्षा मंत्री थे। उसी वक्त कथित शिक्षक नियुक्ति घोटाला हुआ था। ईडी ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा भर्ती में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शनिवार को चटर्जी को गिरफ्तार किया था।