नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी जवान सीमा सुरक्षा के साथ अब मानव तस्करी भी रोकेंगे। सेक्टर मुख्यालय में तीन दिन तक 40 जवानों को एक्सपर्ट के साथ ही स्वयंसेवी संस्था ने मानव तस्करी की पेचीदगी से निपटने का तरीका समझाया। ट्रेनिंग लेने वाले जवान अपनी बटालियन में लौटकर साथियों को प्रशिक्षित करेंगे। सेक्टर मुख्यालय गोरखपुर में पांच अक्टूबर को कार्यशाला का शुभारंभ एसएसबी के डीआईजी पीएस चुडावत ने किया था।
आईजी ट्रेनिंग लखनऊ बीएच देशमुख राव के निर्देशन में चली कार्यशाला में महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, तुलसीपुर से एसएसबी के 40 जवान शामिल हुए। इन लोगों को एक्सपर्ट और स्वयसेवी संस्था के संचालकों ने मानव तस्करी को रोकने में आ रही अड़चनों से निपटने का तरीका बताया। कानून के जानकारों ने मानव तस्करी एक्ट, बाल अपराध एवं यौन शोषण अधिनियम, महिला उत्पीड़न के साथ ही बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने के तरीके के साथ ही नेपाल और भूटान के कानून की जानकारी भी दी।
शुक्रवार शाम चार बजे एसएसबी के डीआईजी पीएस चुडावत ने कार्यशाला का समापन किया। उन्होंने कहा कि एसएसबी जवानों के पास दोहरा उत्तरदायित्व है। सीमा सुरक्षा के साथ ही मानव तस्करी के कलंक को भी मिटाना है। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रचार अधिकारी ओपी साहू ने किया। इस अवसर पर हरखपाल सिंह, मनोज कुमार, नीरज कुमार, नंदू सिंह मौजूद रहे।