सोशल मीडिया मंचों पर बैन लगाए जाने के विरोध में पड़ोसी मुल्क 'नेपाल' में सोमवार को हिंसा भड़क उठी। हिंसक प्रदर्शनों में दर्जनभर से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि अनेक लोग घायल बताए जा रहे हैं। नेपाल में बिगड़े हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात किया गया है। इस बीच भारत और नेपाल के 1751 किमी लंबे खुले बॉर्डर की हिफाजत कर रहा केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सशस्त्र सीमा बल' (एसएसबी) अलर्ट पर है। हालांकि नेपाल में हो रही हिंसा के मद्देनजर, बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स नहीं लगाई जा रही है। सीमा पर जितने भी संवेदनशील प्वाइंट हैं, उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद भी बॉर्डर पर फोर्स की तैनाती बढ़ाने जैसा कोई निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि एसएसबी, कुल 73 बटालियनों, 89878 कर्मियों के साथ भारत संघ का एक प्रमुख सशस्त्र बल है। ये जवान, 1751 किलोमीटर लंबे भारत और नेपाल बॉर्डर व 699 किलोमीटर लंबे भारत-भूटान सीमा की रखवाली करताे हैं। एसएसबी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उनकी नेपाल के ताजा घटनाक्रम पर नजर है। सीमा पर जवानों को अलर्ट किया गया है। चेकिंग को बढ़ाया गया है। एसएसबी का प्रयास है कि नेपाल की हिंसा की आड़ में वहां से कोई आपराधिक तत्व, भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके। सीमावर्ती इलाकों में कानून व्यवस्था बनी रहे।
सूत्रों का कहना है कि मौजूदा परिस्थतियों में नेपाल से लगते बॉर्डर पर एसएसबी को सतर्क किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा आंतरिक एवं बाहरी खुफिया एजेंसियां, इस मामले पर नजर रख रही हैं। एसएसबी के लिए बॉर्डर की सुरक्षा करने की जो एसओपी बनाई गई है, उसी का पालन किया जा रहा है। मसलन, नेपाल में जब चुनाव होते हैं या वर्तमान हिंसा जैसा कुछ होता है तो उस दौरान सीमा की सुरक्षा के लिए, जिस एसओपी का इस्तेमाल होता है, वही अब हो रहा है। एसएसबी पूरी तरह से सतर्क है।