श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। ट्विटर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस बात की पुष्टि की। इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 310 हो गई है। वहीं 500 से ज्यादा लोग घायल हैं।
श्रीलंका में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों की मौत का आंकड़ा दिया है। दूतावास ने ट्वीटर पर लिखा, 'हमें दो और भारतीयों की मौत पर खेद है। इनके नाम मिस्टर ए मारेगौड़ा और मिस्टर एच पुट्टाराजू हैं। जिसके बाद इन धमाकों मे मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।'
ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों में अबतक एच शिवकुमार, वेमुराई तुलसीराम, एसआर नागराज, केजी हनुमानथरयप्पा, एम रंगरप्पा, केएम लक्ष्मीनारायण, नारायण चंद्रशेखर और लक्ष्मण गौड़ा रमेश नाम के भारतीयों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। धमाकों में 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। एक दशक पहले श्रीलंका में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद से यह सबसे बड़ी हिंसा है।
फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन पुलिस द्वारा देशभर में 11 अप्रैल को भेजे गए अलर्ट में कहा गया था कि एनटीजे गिरिजाघरों और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। कैबिनेट मंत्री सेनारत्ने ने कहा कि श्रीलंका को सुनियोजित हमलों के बारे में विदेशी जांच एजेंसियों से चार अप्रैल को सूचना मिली थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे और राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना के बीच मतभेद और संचार की कमी की कारण प्रधानमंत्री को खुफिया जानकारी के बारे में नहीं बताया गया। उन्होंने इसपर आंखें बंद कर ली। सेनारत्ने ने स्वीकार किया कि यह हमले श्रीलंका सरकार की विफलता हैं लेकिन इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराया।