दिल्ली के डॉक्टरों ने अभिनेत्री श्रीदेवी की रहस्यमय मौत पर तैयार की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शराब के नशे में किसी व्यक्ति की मौत डूबने से हो सकती है, लेकिन बाथ टब में डूबने से नहीं। केवल सिर में चोट लगने के बाद ही कोई व्यक्ति बाथ टब में डूब सकता है।
दिल्ली के डॉक्टरों का आकलन, सिर पर चोट लगने से डूबी होंगी
गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) के फॉरेंसिक विभाग के डॉ. एनके अग्रवाल का कहना है कि शराब की मात्रा की जांच रक्त के नमूने से होती है। रक्त में जब अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होती है, तभी मौत को संदेह के दायरे में रखा जाता है। अत्यधिक शराब पीने बाद यदि कोई बाथ टब में गिर जाता है तो उसकी मौत सिर में चोट लगने की वजह से हो सकती है। वहीं डॉ. आरएमएल अस्पताल के न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. विकास ढिकव बताते हैं कि शराब शरीर के सिर से लेकर पैर तक सभी अंगों को प्रभावित करती है।
इन अंगों को प्रभावित करती है शराब
डॉक्टरों का कहना है कि शराब ब्रेन में न्यूरोन को सिकोड़ती है और उसके जोड़ को कमजोर करती है। इससे श्वास नली में सूजन और पेट में भी सूजन हो जाती है। इसके अलावा आंतों में अल्सर और लिवर पर फैट जमने की भी आशंका रहती है। शराब हड्डियों और मांसपेशियों तक को कमजोर करती है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में इनमें से किसी भी अंग पर स्पष्ट जानकारी नहीं है।