मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन के बाद पूरा देश शोक में है। लाखों-करोड़ों फैंस ने मुंबई में श्रीदेवी के अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्घांजलि दी। बुधवार शाम को राजकीय सम्मान के साथ श्रीदेवी का अंतिम संस्कार किया गया। श्रीदेवी को उनके पति बोनी कपूर ने मुखाग्नि दी।
मालूम हो कि जब श्रीदेवी की मां का निधन हुआ था तो तमाम विरोधों के बावजूद श्रीदेवी ने ही अपनी मां को मुखाग्नि दी थी। हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक एक लड़की का मुखाग्नि देना सही नहीं माना जाता, फिर भी अपनी मां की आखिरी इच्छा के लिए श्रीदेवी ने ही मुखाग्नि दी थी और उनके इस फैसले में पति बोनी कपूर भी उनके साथ थे। श्रीदेवी का कहना था कि उनकी परवरिश बिल्कुल लड़के की तरह हुई है इसलिए वही मुखाग्नि देंगी।
बोनी कपूर ने श्रीदेवी के इस फैसले में पूरा साथ दिया था, 1996 में मां की मौत के बाद हालात बदल चुके थे, जिसके बाद से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने 2 जून 1996 को शादी कर ली। शादी के बाद श्रीदेवी ने फिल्मों में काम न करने का फैसला किया था। 22 सालों तक दोनों की शादी शानदार तरीके से चली और आखिर में श्रीदेवी का निधन हो गया।
श्रीदेवी को अपनाना
बोनी कपूर के लिए आसान नहीं था, श्रीदेवी को भी शादी के लिए बहुत मुश्किलें उठानी पड़ी थीं, क्योंकि बोनी कपूर पहले से शादीशुदा थे। उनका परिवार नहीं चाहता था कि बोनी का बसा हुआ घर टूटे, इधर श्रीदेवी की बहन भी नहीं चाहती थीं कि इन दोनों की शादी हो। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, प्यार कहां किसी की परवाह करता है, आखिर में बोनी और श्रीदेवी ने दुनिया के कायदे कानून तोड़ते हुए एक होने का फैसला किया और शादी कर ली थी।
एक बार बोनी कपूर ने श्रीदेवी को इंप्रेस करने के लिए और फिल्म में साइन करने के लिए फीस के तौर पर 11 लाख रुपये दिये थे। हालांकि श्रीदेवी की मां ने इस फिल्म के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी लेकिन बोनी ने उन्हे 11 लाख रुपये देकर इंप्रेस कर दिया था। इस फिल्म का नाम मिस्टर इंडिया था।
आज श्रीदेवी का अंतिम संस्कार किया गया है, पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि क्या श्रीदेवी की बेटियां उनको मुखाग्नि देंगी? मगर पति बोनी कपूर ने इस जिम्मेदारी को पूरा किया और पत्नी श्रीदेवी को मुखाग्नि दी।