पीएम ने कहा, हिंदुस्तान में हर पंथ के लोग चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हों या बौद्ध, पारसी जैन हों, हम सब एक परिवार के सदस्य हैं। इस परिवार के हर सदस्य का विकास हो, वे सुखी रहें, स्वस्थ रहें, देश का विकास हो इसी भावना के साथ मेरी सरकार सबका साथ, सबका विश्वास के मंत्र पर चल रही है। आइए, इस ऐतिहासिक क्षण में हम सभी सदस्य मिलकर अयोध्या में श्रीराम धाम के जीर्णोद्धार के लिए, भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए, एक स्वर में अपना समर्थन दें।
15 ट्रस्टी होंगे, एक दलित सदस्य भी, पर कोई राजनीतिक नहीं
वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ट्वीट कर बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।। इसमें राजनीति से जुड़ा कई भी प्रतिनिधि नहीं होगा। उन्होंने इस ट्रस्ट की घोषणा करने के लिए पीएम मोदी को बधाई दी।
रौनाही में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देगी योगी सरकार
पीएम के एलान के कुछ देर बाद ही यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक हुई। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अयोध्या मुख्यालय से 18 किमी दूर ग्राम धानीपुर, तहसील सोहावल रौनाही थाने के 200 मीटर के पीछे पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के लिए मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। यह जमीन लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अयोध्या से करीब 22 किमी पहले है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को यह जमीन 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दी जा रही है। अब बोर्ड के ऊपर है कि वह इस जमीन का क्या करता है।
आयोग बोला, आचार संहिता का उल्लंघन नहीं
राममंदिर ट्रस्ट के एलान पर केंद्र सरकार को चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है। आयोग का कहना है कि राममंदिर ट्रस्ट के एलान से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है। यह नियमित प्रक्रिया है। हालांकि, इसके लिए आयोग से कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक 9 फरवरी तक सरकार को ट्रस्ट का एलान करना था।
शियाओं को जमीन मिलती तो एक और राममंदिर निर्माण: शिया वक्फ बोर्ड
राममंदिर के लिए ट्रस्ट बनाकर हुकूमत ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की है और हिंदुओं को उनका हक राम मंदिर अयोध्या में मिला है। शियाओं को मिलने वाली जमीन आज सुन्नियों को मिल रही है। अगर यह जमीन शिया वक्फ बोर्ड को मिलती तो वहां शिया वक्फ बोर्ड एक और राम मंदिर का निर्माण कराता।
- वसीम रिजवी, शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष
सुन्नी वक्फ मुस्लिमों का नुमाइंदा नहीं: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
हम अयोध्या में मस्जिद के बदले कोई और जमीन नहीं लेंगे। सुन्नी वक्फ बोर्ड मुसलमानों का नुमाइंदा नहीं है। वह सरकार की संस्था है। बोर्ड अगर जमीन लेता है तो इसे मुसलमानों का फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
- मौलाना यासीन उस्मानी, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य
30 साल पहले एक दलित ने रखी थी रामजन्म भूमि शिलान्यास की पहली ईंट
30 साल पहले केंद्र की तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी सरकार की अनुमति के बाद 9 नवंबर 1989 को प्रस्तावित राममंदिर की नींव पड़ी थी। शिलान्यास के लिए पहली ईंट विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन संयुक्त सचिव कामेश्वर चौपाल ने रखी थी। चौपाल का नाता बिहार से है और वे दलित समुदाय से आते हैं।
पीएम मोदी को प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान (अयोध्या में) पर एक भव्य मंदिर बनाने के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट का गठन करने के लिये कोटिश: धन्यवाद। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी तरह स्वतंत्र और मंदिर निर्माण से संबंधित सभी निर्णय लेने में सक्षम होगा। जय श्रीराम।
- योगी आदित्यनाथ, सीएम यूपी
कांग्रेस बोली, दिल्ली चुनाव पर नहीं पड़ेगा असर
पीएम मोदी वोटों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष को टारगेट करके मुद्दे उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इसका असर दिल्ली चुनाव पर नहीं पड़ेगा। राममंदिर एक चुनावी मुद्दा तो था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह खत्म हो चुका है। भाजपा अब सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दे ले आई है।
- मधुसूदन मिस्त्री, कांग्रेस नेता
भाजपा दिल्ली चुनावों को लेकर चिंतित : ओवैसी
संसद का सत्र 11 फरवरी को समाप्त हो रहा है। यह घोषणा आठ फरवरी के बाद की जा सकती थी। ऐसा लगता है कि भाजपा दिल्ली चुनावों को लेकर चिंतित है। सुप्रीम कोर्ट ने अगर कार सेवा की इजाजत नहीं देता तो मस्जिद वहां नहीं टूटती। जिन लोगों ने बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाया था, उन्हें ही मंदिर बनाने का काम सौंपा जा रहा है।
- असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम
दिल्ली से कोई सरोकार नहीं : भाजपा
यह फैसला अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए लिया गया है। इसका दिल्ली चुनाव से कोई सरोकार नहीं है। पूरे देश में चुनाव नहीं हैं। हालात के बारे में भ्रम न फैलाएं।
- प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मंत्री
अच्छे फैसलों का कोई वक्त नहीं होता : केजरीवाल
अच्छे फैसलों का कोई वक्त नहीं होता है। ऐसे फैसलों की कभी भी घोषणा हो सकती है, आज करे या कल करें, खूब घोषणाएं करें।
- अरविंद केजरीवाल, सीएम दिल्ली