श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के विभिन्न मामलों में इस वर्ष श्रीलंका की नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के 77 मछुआरे रिहा किए जाने के बाद आज सुबह कराईकल बंदरगाह पहुंचे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मत्स्य मंत्री डी जयकुमार, हथकरघा मंत्री ओ एस मनिअन और मछुआरों के रिश्तेदार एवं परिजन बंदरगाह पर उन्हें लेने पहुंचे।
मछुआरे पुदुक्कोट्टई, रमनाथपुरम,नागपट्टिनम और कराईकल जिले के निवासी हैं। श्रीलंकाई नौसेना 28 जुलाई को मछुआरों को रिहा करने पर सहमत हो गई थी। श्रीलंका नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास भारतीय अधिकारियों को मछुआरे सौंप दिए थे।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय तट रक्षक बल की सुरक्षा में मछुआरे आज तड़के कराईकल पहुंचे। कोलंबो में आठ मार्च को दोनों देशों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में श्रीलंका और भारत दोनों एक-दूसरे के मछुआरों को रिहा करने पर सहमत हो गए थे।
रामेश्वरम के 22 वर्षीय मछुआरे की श्रीलंका की नौसेना द्वारा कथित तौर पर हत्या करने के बाद उत्पन्न हुए तनाव को कम करने के मद्देनजर यह बैठक की गई थी। ब्रिदगो नाम के मछुआरे की छह मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, घटना के वक्त वह कच्चातीवू द्वीप के निकट एक यांत्रिक नौका सवार होकर मछली पकड़ रहा था।