श्रीलंका के तेल टैंकर एमटी न्यू डायमंड पर स्थिति अब सामान्य है और पिछले 24 घंटे में आग की कोई लपट या धुंआ दिखाई नहीं दिया है। भारतीय नौसेना ने बुधवार को यह जानकारी दी। नौसेना ने कहा, बचाव दल ने जहाज पर चढ़कर निरीक्षण किया। उन्होंने आग बुझने की पुष्टि की। बचाव दल टोइंग की तैयारी के लिए कल (गुरुवार) फिर जहाज पर सवार होगा।
बता दें कि, कुवैत से 270,000 मीट्रिक टन कच्चे तेल को भारत लाने वाले जहाज में बीते गुरुवार को आग लग गई थी। तेल टैंकर में 23 क्रू मेंबर थे जिनमें से 18 फिलिपिंस के और पांच ग्रीक के थे। 23 सदस्यीय चालक दल में से 22 को टैंकर से सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन इंजन रूम में बॉयलर विस्फोट में एक फिलिपिंस के नाविक की मौत हो गई थी।
आग पर काबू पाने के लिए जहाज के चालक दल और श्रीलंकाई नौसेना, वायुसेना ने काफी कोशिश की लेकिन काबू न हो पाने पर भारत से सहायता मांगी गई थी। इस पर भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अपने जहाज शौर्य, सारंग, समुद्र पहरेदार और डोर्नियर विमानों को श्रीलंका के तट से 37 समुद्री मील दूर तेल टैंकर में लगी आग को बुझाने के लिए भेजा था।
इसके साथ ही भारतीय नौसेना ने आईएनएस सह्याद्री को भी बचाव अभियान शुरू करने और सहायता प्रदान करने के लिए रवाना किया था। आईसीजी के जहाज शौर्य के माध्यम से आग बुझाने के लिए पानी और फोम का लगातार छिड़काव किया गया था। इस बचाव और राहत कार्य की देखरेख के लिए डॉर्नियर एयरक्राफ्ट आसमान में चक्कर लगाता रहा था।
जलते तेल टैंकर के पास समुद्र में डीजल की परत बनी
भारतीय तटरक्षक दल के एक विमान ने श्रीलंका के तट से थोड़ी दूर समुद्र में एक विशाल तेल टैंकर के समीप फैले डीजल पर विशेष रसायन का छिड़काव किया था। टैंकर पर लगी आग को एक बार बुझा दिया गया था लेकिन दिन दिन बाद यह फिर भड़क गई थी। इस दौरान जहाज से करीब एक किलोमीटर दूर डीजल की परत बन गई थी।