श्रीलंका और भूटान ने सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में ब्रिक्स के 8वें शिखर सम्मेलन के इतर श्रीलंका के राष्ट्रपति और भूटान के प्रधानमंत्री से रविवार को मुलाकात की।
प्रधानमंत्री की दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने मीडियाकर्मियों को बताया कि प्रधानमंत्री ने आतंक से लड़ाई में श्रीलंका और भूटान द्वारा एकजुटता दिखाने के लिए उनका धन्यवाद किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सीरिसेना ने कहा कि उनका देश उड़ी आतंकी हमले से आहत भारत के दुख में शरीक है। साथ ही श्रीलंका आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ दृढ़ता के साथ खड़ा है। सीरिसेना ने मोदी को कहा कि ‘आतंकवाद सीधे तौर पर आर्थिक खुशहाली के लिए खतरा है। हम सभी इस क्षेत्र में शांति चाहते हैं और आतंकवाद इस उद्देश्य में चुनौती बना हुआ है।’
उधर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि ‘सीमा पार से आतंकवाद आतंक का घिनौना रूप है। हम इस क्षेत्र में सुरक्षा के बिगड़ते हालात से काफी चिंतित हैं।’ उन्होंने उड़ी आतंकी हमले के लिए अपना दुख और चिंता व्यक्त की और कहा कि भूटान भारत के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। विकास स्वरूप ने कहा कि दोनों देशों ने सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बात की। इन्होंने दक्षिण एशियाई क्षेत्र में मौजूदा हालात पर चिंता जताई।