फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत में दूसरे चरण के ट्रायल में सुरक्षा मानकों पर खरी उतरी स्पुतनिक वी वैक्सीन

Mon, 11 Jan 2021 09:20 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
विज्ञापन

रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik-V) का भारत में हो रहा दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है। इस वैक्सीन का भारत में ट्रायल करा रही डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज ने सोमवार को यह जानकारी दी।

विज्ञापन


डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज ने बताया कि उसने दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल का सुरक्षा डाटा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के पास जमा करवा दिए हैं। अब उसे तीसरे चरण के ट्रायल शुरू करने के लिए अनुमति का इंतजार है।
 
बता दें कि भारत में पहले ही दो वैक्सीनों (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) को आपात उपयोग की मंजूरी दी जा चुकी है। भारत में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। पीएम मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है।
विज्ञापन


इसमें से कोविशील्ड (Covishield) को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है और इस वैक्सीन का निर्माण भारतीय सीरम संस्थान ने किया है। वहीं, कोवैक्सीन (Covaccine) स्वदेशी वैक्सीन है जिसे देश की कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है।

इसके साथ ही केंद्र ससरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का सोमवार को आर्डर दिया। जानकारी के अनुसार प्रत्येक टीके पर जीएसटी समेत 210 रुपये की लागत आएगी। 

16 जनवरी को अभियान की शुरुआत से पहले कई राज्यों ने कहा है कि पहले चरण के अभियान के लिहाज से सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। इनमें टीकाकरण स्थलों की पहचान करना और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का पंजीयन करना शामिल है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र वहन करेगा। उन्होंने कहा कि इस चरण में जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें