अंतरराष्ट्रीय उड़ान में तीन विदेशी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन जांच के पहुंचने के मामले में सरकार ने एयर इंडिया के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा,यात्रियों की सुविधा बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जा सकता।
आर्थिक संकट से जूझ रही स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर सरकार की नजर है। नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि डीजीसीए के जरिए एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और संचालन की जांच की जा रही है। सरकार एयरलाइन के साथ लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन निजी कंपनी होने के कारण सीधे दखल की एक सीमा है।
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मंत्री नायडू ने बताया, सरकार स्पाइसजेट को 150 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद पहले ही दे चुकी है। अब एयरलाइन को बैंकों के साथ मिलकर अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का रास्ता निकालना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को परेशानी से बचाना और उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
स्पाइसजेट की मुश्किलें केवल वित्तीय स्थिति तक सीमित नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन ने पिछले साढ़े तीन महीने से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया है। कंपनी अक्टूबर के मध्य तक परिचालन में सुधार की उम्मीद कर रही है। इसके लिए 20 विमान वेट-लीज पर लेने की तैयारी है। एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारी फंड जुटाने के विकल्पों पर भी काम कर रहे हैं। वहीं, स्पाइसजेट को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 के तहत 350 करोड़ रुपये मिलने का इंतजार है।
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इमिग्रेशन चूक में एयर इंडिया का कर्मचारी निलंबित
अंतरराष्ट्रीय उड़ान में तीन विदेशी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन जांच के पहुंचने के मामले में सरकार ने एयर इंडिया के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा,यात्रियों की सुविधा बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जा सकता। इसके पूर्व मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जांच में सामने आया कि यात्रियों को एयरपोर्ट के तय रास्ते से ले जाने की जिम्मेदारी संभाल रहे एयर इंडिया कर्मचारी ने तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके बाद कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया।