11 अक्टूबर का दिन भारतीयों के लिए बेहद अहमियत रखता है। बिहार के सिताबदियारा में वर्ष 1902 में 11 अक्टूबर के ही दिन जय प्रकाश नारायण का जन्म हुआ था। संपूर्ण क्रांति के जनक जयप्रकाश नारायण को देशवासी जेपी और लोकनायक के नाम से भी जानते हैं। 11 अक्टूबर को एक और हस्ती का जन्म हुआ था। वर्ष 1942 में पैदा होने वाली इस शख्सियत को आज हम सदी के महानायक, शहंशाह, बिग बी, एंग्री यंग मैन और अमिताभ बच्चन जैसे नामों से जानते हैं।
अमिताभ बच्चन का जन्म जेपी के पैदा होने के 40 साल बाद हुआ था। जब जेपी देश में अलख जगा रहे थे, तब नौजवान अमिताभ बच्चन सिल्वर स्क्रीन पर पहचान बनाने के लिए मुंबई की गलियों की खाक छान रहे थे। अमिताभ को पहली बड़ी कामयाबी जंजीर फिल्म से मिली, जिसमें उन्होंने आक्रोश से भरे पुलिस अफसर का किरदार निभाया था। यहीं से बॉलीवुड में उनके नाम का सिक्का जमा और बाद में दीवार, शोले, त्रिशूल जैसी न जाने कितनी हिट फिल्में उन्होंने बॉलीवुड को दीं और एंग्री यंग मैन के खिताब से नवाजे गए।
जेपी के आंदोलन से घबराईं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1975 में इमरजेंसी लागू कर दी थी। इसे देश के लोकतंत्र का काला अध्याय माना जाता है। यह जेपी के आंदोलन का ही असर था, जिसने आयरन लेडी के नाम मशहूर इंदिरा की सत्ता हिलाकर रख दी थी। संपूर्ण क्रांति और इमरजेंसी के दौर में आक्रोशित देशवासियों ने अमिताभ बच्चन की अदाकारी में जो अपनापन महसूस किया, वह जुड़ाव आज तक किसी और कलाकार के साथ नहीं हो पाया। सीधे शब्दों में कहें तो जेपी ने समाज में जिस जज्बे को भरा, उसे अमिताभ ने पर्दे पर जिया।
दरअसल, एंग्री यंग मैन के जन्म और जेपी की संपूर्ण क्रांति के पैदा होने के पीछे एक जैसे ही कारण थे। असमानता, न्याय में देरी, बेरोजगारी आदि। जेपी का आंदोलन और अमिताभ का पर्दे पर एंग्री यंग मैन बनना इसी की प्रतिक्रिया स्वरूप था।
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