तुर्किये पाकिस्तान की नजदीकी पर भारत की पैनी नजर
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तुर्किये और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच भारत भी ग्रीस और साइप्रस जैसे उसके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों से सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह साइप्रस और ग्रीस की चार दिवसीय यात्रा को इसी व्यापक सामरिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
भारत और तुर्किये के बीच संबंधों में पाकिस्तान का मुद्दा
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर केंद्रित यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब तुर्किये-पाकिस्तान सैन्य साझेदारी भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताओं में अहम बनी हुई है। ऐसे में भारत भी भूमध्यसागर में अपनी सामरिक पहुंच मजबूत करने में भी जुटा है। भारत और तुर्किये के बीच संबंधों में पाकिस्तान का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है।
ग्रीस और साइप्रस के साथ भारत के बढ़ते रक्षा संबंध
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को उन्नत बेयराक्तार ड्रोन्स दिए, जिनका उसने सीमा पर खूब इस्तेमाल किया। मौजूदा स्थिति में ग्रीस और साइप्रस के साथ भारत के बढ़ते रक्षा संबंध क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
विशेष रोडमैप तैयार
भारत ने पिछले कुछ महीनों में साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग पर छह साल का विशेष रोडमैप तैयार किया है, जबकि ग्रीस के साथ सैन्य सहयोग योजना पर हस्ताक्षर किए। रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए एक साझा घोषणापत्र भी जारी किया गया है। ग्रीस अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यूरोप का पूर्वी प्रवेश द्वार है। यह भारत-मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारे के लिए महत्वपूर्ण कड़ी भी है, जो यूरोपीय बाजारों से जोड़ती है।