अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाने की साजिश मामले में सुनवाई कर रहे विशेष जज ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई पूरी करने के लिए छह माह का वक्त और मांगा है। हालांकि, जज एसके यादव 30 सितंबर को ही रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जज का कार्यकाल आगे बढ़ाने के लिए रास्ता तलाशने को कहा है।
शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार से कहा है कि जज एसके यादव जब तक फैसला नहीं दे देते, तब तक उन्हें रिटायर न किया जाए। इसके लिए क्या किया जा सकता है? इसके लिए क्या नियम और कानून हैं? जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, ये बेहद जरूरी है कि जज यादव ही मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाएं, क्योंकि उन्होंने पूरे मामले की सुनवाई की है।
उत्तर प्रदेश सरकार को शुक्रवार तक बताना है कि इसको लेकर कानूनी प्रावधान क्या हैं? प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ अब शुक्रवार को ही इस मामले की सुनवाई करेगी। विशेष जज ने सुप्रीम कोर्ट को बीते 25 मई को पत्र लिखकर बताया था कि उन्हें फैसले के लिए छह माह का वक्त और चाहिए, जबकि वह 30 सितंबर को ही रिटायर हो रहे हैं।
...वर्ना अनुच्छेद 142 के तहत जारी करेंगे आदेश
पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ऐश्वर्या भाटी से कहा कि जज का कार्यकाल बढ़ाने के लिए कुछ रास्ता निकालें और संबंधित कायदे-कानून बताएं। पीठ ने कहा कि जरूरी हुआ तो हम संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत आदेश जारी करेंगे ताकि विशेष जज का कार्यकाल बढ़ाया जा सके।