पाकिस्तानी सेना की इस झुंझलाहट को खत्म करने के लिए बॉर्डर पर स्पेशल फोर्सेज के कमांडो जम्मू-कश्मीर में एयरलिफ्ट किए गए हैं। रॉ और आईबी के सूत्र बताते हैं कि अभी कम से कम एक सप्ताह तक भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घुसपैठ के लिए अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में सेना के पैरा कमांडो, नेवी के मार्कोस और भारतीय वायु सेना के गुरुड कमांडों दस्ते तैनात रहेंगे। पाकिस्तानी सेना की हरकत को देखते हुए जेएंडके में सभी बलों के तैनात जवानों की संख्या पर गौर करें तो वह अभी तक 1.12 लाख के पार चली गई है।
देश की आतंरिक एवं बाहरी खुफिया एजेंसी को लगातार ऐसे अलर्ट मिल रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना कई जगहों पर युद्ध विराम उल्लंघन कर सकती है। पिछले सप्ताह भी बॉर्डर पर पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के संयुक्त गठजोड़ के दुस्साहस का भारतीय सेना करारा जवाब दे चुकी है। युद्ध विराम उल्लंघनों की संख्या को देखें तो पिछले साल नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पंद्रह सौ से ज्यादा मामले सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर यह संख्या साढ़े पांच सौ रही है। साल 2018 में अगर जेएंडके की बात करें तो 358 से अधिक घुसपैठ के मामले देखने को मिले हैं।
इंटेलीजेन्स एजेन्सी के अलर्ट बताते हैं कि पाकिस्तानी सेना में इस वक्त बहुत ज्यादा बौखलाहट है। वह जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी कर सकती है। साथ ही सीमा पर बॉर्डर एक्शन टीम की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। पिछले चार दिनों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा बॉर्डर आउट पोस्ट पर बैट के दस्ते देखे गए हैं। इनके पास स्नाइपर गन होती है। ये सैन्य बलों को अपना निशाना बनाते हैं। इंटेलीजेंस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जम्मू के वे इलाके जहां, बीएसएफ की तैनाती है, वहां सेना आगे आ चुकी है।
सेना और बीएसएफ के जवान संयुक्त तौर पर गश्त कर रहे हैं। घाटी के वे इलाके जहां पाकिस्तानी सेना की हरकत या घुसपैठ के ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहां सेना के पैरा कमांडो, नेवी के मार्कोस और भारतीय वायु सेना के गुरुड कमांडों दस्ते तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो की कई कंपनियां भी कश्मीर घाटी में तैनात कर दी गई हैं।